चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े हालिया विवाद और सोशल मीडिया पर उनके नाम से प्रसारित की जा रही कथित वीडियो को लेकर विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन तमाम आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से उनकी छवि खराब करने और उन्हें पंथ विरोधी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने हमेशा धार्मिक मर्यादाओं और गुरु साहिब के सम्मान को सर्वोपरि रखा है।
भगवंत मान ने ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहली बार हुआ है जब पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र भूमि पर ले जाकर गुरु चरणों में नतमस्तक किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने न केवल आनंदपुर साहिब, बल्कि श्री अमृतसर साहिब जैसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्रों को ‘पवित्र शहर’ का आधिकारिक दर्जा देने का ऐतिहासिक काम किया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो कार्य दशकों तक पिछली सरकारें नहीं कर पाईं, उसे उनकी सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया।
बेअदबी के संवेदनशील मुद्दे पर बात करते हुए भगवंत मान ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय कानून इतना कमजोर था कि आरोपितों को पुलिस थानों से ही जमानत मिल जाती थी या वे साक्ष्यों के अभाव में बरी हो जाते थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए अत्यंत सख्त कानून बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैं पंजाब के लोगों से मिलता हूं, तो वे कहते हैं कि इस कड़े कानून ने उनके दिलों को सुकून पहुँचाया है। मैं इसे अपनी उपलब्धि नहीं मानता, बल्कि इसे गुरु साहिब द्वारा दी गई सेवा के एक अवसर के रूप में देखता हूं।”
कथित फर्जी वीडियो पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए भगवंत मान ने कहा कि इस वीडियो से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने वाले कुछ तत्व उन्हें बदनाम करने के लिए इस तरह के ओछे हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को कड़े निर्देश दिए हैं। मान ने मांग की है कि इस फर्जी वीडियो को तैयार करने वाले, इसकी शूटिंग का प्रबंध करने वाले और इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले असली चेहरों को बेनकाब किया जाए। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे दुनिया के किसी भी कोने में बैठा हो, उसे ढूंढकर संगत के सामने सच लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे लोग आज धर्म के मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं जिनका अपना इतिहास श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लिए ‘गुरु नानक नाम लेवा संगत’ ही सर्वोच्च शक्ति है और वे हमेशा संगत की भावनाओं और जनता के हितों को ध्यान में रखकर ही फैसले लेते रहेंगे।
भगवंत मान ने अंत में कहा कि उनकी सरकार का मूल मंत्र सभी धर्मों का सम्मान और लोक सेवा है। पंजाब में आज मोहल्ला क्लीनिक, बेहतर अस्पताल, आधुनिक स्कूल और युवाओं के लिए रोजगार जैसे धरातल पर काम हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का सरकार पर भरोसा बढ़ रहा है और सच्चाई की ही जीत होगी। उन्होंने संगत से अपील की कि वे उन राजनीतिक ताकतों से सावधान रहें जो अपने निजी स्वार्थ के लिए धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करने का प्रयास कर रही हैं।