नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में अपने सफर की ऐसी शुरुआत की है जिसे दशकों तक याद रखा जाएगा। अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन मानव सुथार ने अपनी फिरकी का जादू चलाते हुए न केवल अपना पहला ‘फाइव विकेट हॉल’ पूरा किया, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। मुल्लनपुर में खेले जा रहे इस मुकाबले में सुथार की घातक गेंदबाजी के सामने अफगानी बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए और उनकी पूरी टीम पहली पारी में महज 152 रनों पर सिमट गई।
मानव सुथार ने अपने डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में मात्र 33 रन देकर 6 विकेट झटके। यह किसी भी भारतीय गेंदबाज द्वारा टेस्ट डेब्यू की पहली पारी में किया गया अब तक का दूसरा सबसे शानदार प्रदर्शन है। इस मामले में उन्होंने पूर्व क्रिकेटरों आबिद अली और दिलीप जोशी के दशकों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। भारत के लिए टेस्ट डेब्यू की पहली पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का रिकॉर्ड आज भी नरेंद्र हिरवानी के नाम दर्ज है, जिन्होंने 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 61 रन देकर 8 विकेट लिए थे। सुथार अब इस सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके साथ ही वह टेस्ट डेब्यू पर पांच या उससे अधिक विकेट लेने वाले 10वें भारतीय गेंदबाज और सातवें भारतीय स्पिनर बन गए हैं।
मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में रनों का विशाल पहाड़ खड़ा किया था। कप्तान शुभमन गिल के शानदार 126 रन और केएल राहुल के जुझारू 100 रनों की बदौलत भारत ने 8 विकेट खोकर 564 रन बनाकर अपनी पारी घोषित की थी। इस बड़े स्कोर में साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर की अर्धशतकीय पारियों का भी अहम योगदान रहा। रनों के इस भारी दबाव के बीच जब अफगानिस्तान की टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो मानव सुथार के नेतृत्व में भारतीय गेंदबाजों ने उन पर शिकंजा कस दिया।
अफगानिस्तान की ओर से केवल रहमत शाह ही भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना कर सके। उन्होंने 60 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी भी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। अफगानी टीम के बाकी खिलाड़ी क्रीज पर ज्यादा देर टिकने में नाकाम रहे। भारत की ओर से मानव सुथार के छह विकेटों के अलावा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने भी धारदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए, जबकि वाशिंगटन सुंदर को एक सफलता मिली।
पहली पारी के आधार पर भारत को 412 रनों की विशाल बढ़त हासिल हुई, जिसके बाद भारतीय नेतृत्व ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन देने का निर्णय लिया। मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक अफगानिस्तान की टीम अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी है और भारत जीत की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। सुथार के इस प्रदर्शन ने भारतीय स्पिन गेंदबाजी की गहराई को एक बार फिर दुनिया के सामने साबित कर दिया है।
आंकड़ों के आईने में देखें तो सुथार ने 1967 में आबिद अली द्वारा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लिए गए 55 रन पर 6 विकेट और 1979 में दिलीप जोशी द्वारा ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ लिए गए 103 रन पर 6 विकेट के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। भारतीय क्रिकेट इतिहास में किसी भी पदार्पण करने वाले खिलाड़ी के लिए यह स्पेल किसी सपने से कम नहीं है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या सुथार दूसरी पारी में भी इसी तरह का करिश्मा दोहरा पाते हैं।
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