Uttarakhand: सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड की ऐतिहासिक उपलब्धि और दो वर्षों में क्षमता में हुई दस गुना वृद्धि – The Hill News

Uttarakhand: सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड की ऐतिहासिक उपलब्धि और दो वर्षों में क्षमता में हुई दस गुना वृद्धि

देहरादून। उत्तराखंड ने नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की प्रगति को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता में दस गुना की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य वर्तमान में लगभग 290 मेगावाट क्षमता के आवासीय रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने में सफलता हासिल कर चुका है। मुख्यमंत्री ने इसे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाली उपलब्धि बताया है।

पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का अपना प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से काफी पहले ही प्राप्त कर लिया है। वर्तमान स्थिति यह है कि निर्धारित लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे उत्तराखंड अब ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा है।

इस सफलता का श्रेय ‘टीम उत्तराखंड’ को देते हुए मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल, उरेडा और क्षेत्रीय अधिकारियों सहित इस अभियान से जुड़े सभी विभागों और संस्थाओं के आपसी तालमेल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण का परिणाम है। सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना ही नहीं है, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को इस स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है। सौर ऊर्जा के व्यापक इस्तेमाल से न केवल आम जनता के बिजली बिलों में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और हरित भविष्य मिल सकेगा।

पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरेगा। उन्होंने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संकट जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा महज एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की अनिवार्य आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित सौर योजनाओं ने राज्य को नई दिशा दी है, जो अब अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन रही हैं।

राज्य सरकार द्वारा चलाए गए ‘सौर कौथिग’ जैसे जन-जागरूकता अभियानों, नुक्कड़ नाटकों और अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने पूरे प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने इस कार्य में सहयोग के लिए सीईईडब्ल्यू की टीम के योगदान की भी विशेष रूप से प्रशंसा की।

इस विमोचन कार्यक्रम के दौरान विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव विनय शंकर पांडेय और सीईईडब्ल्यू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणाभ घोष उपस्थित रहे। इसके अलावा पिटकुल के प्रबंध निदेशक मेहरबान सिंह बिष्ट और यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जीएस बुदियाल सहित कई वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने राज्य की इस ऊर्जा क्रांति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है

 

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