संगरूर। पंजाब सरकार ने राज्य के कृषि क्षेत्र में सुरक्षा और आधुनिकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को अपने पैतृक गांव सतोज से एक ऐसी महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया, जो किसानों को खेतों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों और खंभों से मुक्ति दिलाएगी। इस नई योजना के तहत खेतों में बिजली की लाइनों को जमीन के नीचे यानी अंडरग्राउंड किया जाएगा।
इस परियोजना की शुरुआत करते हुए बताया गया कि अकेले सतोज गांव में इस कार्य पर करीब आठ करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। तकनीकी विवरण के अनुसार, इस गांव के खेतों में फैली लगभग सात किलोमीटर लंबी हाईटेंशन बिजली लाइनों और साढ़े नौ किलोमीटर लंबी लो टेंशन बिजली लाइनों को पूरी तरह से अंडरग्राउंड केबल प्रणाली में बदला जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद खेतों में सालों से लगे बिजली के खंभे और झूलती हुई खुली तारों को हटा दिया जाएगा, जिससे खेती के लिए जमीन खाली होगी और सुरक्षा का स्तर बढ़ेगा।
इस अवसर पर भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के किसान लंबे समय से खेतों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों के कारण कई समस्याओं का सामना कर रहे थे। अक्सर गर्मियों के मौसम में इन खुली तारों के बीच शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग होने से सूखी फसलों में भीषण आग लग जाती थी। ऐसी घटनाओं के कारण किसानों की साल भर की मेहनत और निवेश पल भर में स्वाहा हो जाता था, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। अंडरग्राउंड केबल प्रणाली विकसित होने से अब स्पार्किंग की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी और फसलों के आग लगने का जोखिम न्यूनतम रह जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की व्यापकता पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल केवल सतोज गांव तक सीमित नहीं रहने वाली है। इसे एक मॉडल के रूप में शुरू किया गया है और आने वाले समय में इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे पंजाब के सभी क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को एक ऐसा सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है जहां वे बिना किसी भय के खेती कर सकें।
खेतों से खंभों और तारों के हटने का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि कृषि कार्यों में सुगमता आएगी। वर्तमान में बिजली के खंभों के कारण किसानों को ट्रैक्टर चलाने और अन्य आधुनिक कृषि मशीनों का उपयोग करने में बाधा आती थी। तारों के नीचे ऊंचे उपकरणों का उपयोग करना जानलेवा साबित हो सकता था, लेकिन अब इन बाधाओं के हटने से किसान नई तकनीक और मशीनों का निर्बाध उपयोग कर पाएंगे।
भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि उनकी सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और कृषि योग्य भूमि को बिजली के बुनियादी ढांचे के बोझ से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सतोज के किसानों ने भी सरकार के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है। स्थानीय किसानों का मानना है कि अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था लागू होने से उनकी फसलें अब सुरक्षित रहेंगी और उन्हें स्पार्किंग के डर से रात भर खेतों की रखवाली नहीं करनी पड़ेगी। कुल मिलाकर, यह परियोजना पंजाब की खेती को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
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