देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊर्जा संसाधनों की बचत और राष्ट्रीय हितों के संरक्षण को प्रत्येक नागरिक का प्राथमिक कर्तव्य बताया है। उन्होंने कहा कि संसाधनों का संरक्षण करना हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है, जिसे पूरी निष्ठा के साथ निभाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देशवासियों से की गई अपील का पुरजोर समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम केवल तात्कालिक आर्थिक बचत के लिए नहीं है, बल्कि एक आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव रखने की दिशा में अत्यंत दूरदर्शी प्रयास है।
पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यदि नागरिक अपनी दैनिक जीवनशैली में छोटे लेकिन सार्थक संकल्प लें, तो इसके परिणाम देश की अर्थव्यवस्था के लिए क्रांतिकारी सिद्ध हो सकते हैं। उन्होंने आम जनमानस से आग्रह किया कि अनावश्यक रूप से की जाने वाली विदेश यात्राओं को कुछ समय के लिए टालना चाहिए और विदेशी वस्तुओं के बजाय स्थानीय व स्वदेशी उत्पादों को अपनी प्राथमिकता बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को नियंत्रित करने के लिए नागरिकों को निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन यानी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
आर्थिक अनुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि लोग अगले एक वर्ष तक सोने के आभूषणों की खरीद से बचते हैं, तो इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने में बड़ी मदद मिलेगी। साथ ही, उन्होंने खाद्य तेल के संयमित उपयोग की भी सलाह दी। कृषि क्षेत्र में सुधार की चर्चा करते हुए धामी ने किसानों और बागवानों से रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर प्राकृतिक खाद का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता को सुरक्षित रखेगी, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी वरदान साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने गौरव के साथ कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के नागरिक सदैव राष्ट्र सेवा के कार्यों में अग्रणी रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प तभी साकार होगा जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर योगदान देगा। धामी के अनुसार, आत्मनिर्भरता का यह मार्ग सामूहिक प्रयासों से ही प्रशस्त होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उत्तराखंड की जागरूक जनता नरेंद्र मोदी के इस आह्वान को एक जन आंदोलन के रूप में स्वीकार करेगी और इसे सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में आज भारत विकास और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। नागरिकों की सहभागिता इस संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि संसाधनों की बचत और स्वदेशी को अपनाकर हम सब मिलकर एक समृद्ध और शक्तिशाली भारत के सपने को हकीकत में बदलेंगे। मुख्यमंत्री का यह संदेश प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक जिम्मेदार भागीदार बनने की प्रेरणा देता है।