देहरादून, 16 अप्रैल 2026
चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया है। बैठक में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
गृह मंत्रालय के अपर सचिव अनुज शर्मा ने आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के लिए पर्याप्त होल्डिंग एरिया तैयार रखे जाएं। साथ ही यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए।
हेली सेवाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि पर्वतीय क्षेत्रों में उड़ान का अनुभव रखने वाले पायलट ही सेवाओं का संचालन करें और वे स्थानीय भौगोलिक व मौसमीय परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हों। इसके अलावा मानक संचालन प्रक्रिया का सख्ती से पालन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल की सक्रियता और मौसम की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में एसडीआरएफ और होमगार्ड्स की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत यात्रियों की स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि यात्रा मार्ग पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पार्किंग और होल्डिंग एरिया विकसित किए गए हैं, जबकि सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। रियल टाइम ट्रैफिक और मौसम संबंधी सूचनाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा चिकित्सा सुविधाओं के लिए स्क्रीनिंग कियोस्क, मेडिकल रिलीफ पोस्ट और एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
सुरक्षा के लिहाज से विभिन्न एजेंसियों की टीमें, ड्रोन निगरानी और अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं सक्रिय हैं। बैठक में यह भी भरोसा दिलाया गया कि गृह मंत्रालय यात्रा के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
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