देहरादून, 16 अप्रैल 2026
रबी विपणन सत्र 2026-27 के तहत उत्तराखंड में गेहूं खरीद को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार राज्य में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के अधिक अवसर मिलेंगे।
विभाग के आयुक्त एवं सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य में रबी विपणन सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से हो चुकी है। वर्तमान में गढ़वाल मंडल में 45 और कुमाऊं मंडल में 123 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां किसान अपनी फसल आसानी से बेच सकते हैं। भारत सरकार द्वारा इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों में सरकारी केंद्रों पर उपज बेचने की रुचि बढ़ी है।
अब तक स्मार्ट पीडीएस पोर्टल पर 1597 किसानों ने पंजीकरण कराया है और लगभग 5852 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि किसानों का रुझान सरकारी खरीद प्रणाली की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि पहले केंद्र सरकार द्वारा राज्य के लिए 10 हजार क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया गया था। यह लक्ष्य किसानों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं था, जिसके कारण कई किसानों ने असंतोष भी जताया था। राज्य सरकार के अनुरोध और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर 5 लाख क्विंटल कर दिया गया है।
इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल सकेगा। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचें और इस सुविधा का लाभ उठाएं।
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