देहरादून। सचिवालय में सोमवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में जिलाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान राज्य की विकास योजनाओं, आगामी धार्मिक आयोजनों और जनसमस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने सभी जनपदों की अद्यतन स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गैस वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए आनंद बर्द्धन ने प्रदेश के सभी जनपदों में एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग और तेल कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयकों को निर्देशित किया कि वे गैस एजेंसियों और वितरकों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी करें। गैस वितरण में हो रहे विलंब या बैकलॉग को तत्काल समाप्त करने के लिए उन्होंने आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से आगामी चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क साधा जाए ताकि तीर्थयात्रियों और स्थानीय व्यवसायियों को यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो।
राजस्व संबंधी कार्यों पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हरिद्वार, नैनीताल और अन्य मैदानी जिलों में इस कार्य की गति बढ़ाने की सख्त जरूरत है। जिलाधिकारियों को अंश निर्धारण के लिए साप्ताहिक लक्ष्य तय करने और उसकी नियमित रूप से स्वयं मॉनिटरिंग करने को कहा गया। साथ ही, कृषि क्षेत्र के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में भी तेजी लाने पर जोर दिया गया ताकि किसानों से संबंधित डेटा को पारदर्शी बनाया जा सके।
बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा कुंभ मेला 2027 की तैयारियां रहा। मुख्य सचिव ने कहा कि इस भव्य आयोजन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं और शासनादेश (जीओ) समय पर जारी हो जाने चाहिए। उन्होंने नियोजन विभाग को निर्देशित किया कि जिन परियोजनाओं के लिए टीएसी (तकनीकी सलाहकार समिति) और ईएफसी (व्यय वित्त समिति) की स्वीकृति आवश्यक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द संपन्न कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति यानी डुप्लीकेसी न हो, ताकि सरकारी संसाधनों का उचित एवं पारदर्शी उपयोग हो सके।
इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रमुख सचिव एल. फेनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, विनोद कुमार सुमन और आनन्द स्वरूप उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय और कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत सहित विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने सभी को आपसी समन्वय से कार्यों को गति देने की सलाह दी।