हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 के भव्य और दिव्य आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए शासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर होने वाली देरी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने शहर में चल रहे सीवर लाइन निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को तुरंत ठीक किया जाए। विशेष रूप से अपर रोड का कार्य एक सप्ताह के भीतर और अन्य सभी सड़कों का मरम्मत कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरा करने की हिदायत दी। इन कार्यों की दैनिक निगरानी के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जिसमें अपर जिलाधिकारी, अपर मेलाधिकारी और परियोजना प्रबंधक शामिल होंगे। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को अपर रोड के सुधार कार्य का निरीक्षण कर 10 अप्रैल तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।
गंगा नदी की स्वच्छता पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गंदा पानी या सीवर सीधे गंगा में नहीं गिरना चाहिए। उन्होंने सभी नालों को सीवर लाइन से जोड़ने और उनकी वीडियोग्राफी सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। इसके साथ ही, आश्रमों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पीएनजी कनेक्शन वितरण के लिए विशेष शिविर लगाने को कहा गया, ताकि कुकिंग गैस की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने भूमिगत लाइनों की खराबी को तुरंत सुधारने और बिजली के खंभों को उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। घाटों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे और नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर मार्गों के सुधार कार्य को भी प्राथमिकता से पूर्ण करने के आदेश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए आनंद बर्द्धन ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने और वहां 15 दिनों के भीतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मेले के दौरान एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और बोट एंबुलेंस की तैनाती पर भी विचार-विमर्श किया। मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि अब तक 36 स्थायी और 19 अस्थायी कार्य स्वीकृत हो चुके हैं और पूरे मेला क्षेत्र को 32 सेक्टरों में विभाजित कर विस्तृत योजना तैयार की गई है।
बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न संगठनों जैसे गंगा सभा, व्यापार मंडल और होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की और उनके सुझावों पर गौर किया। इस दौरान नितेश झा, विनय शंकर पांडे, राजीव स्वरूप, नवनीत सिंह भुल्लर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने सभी से कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग की अपील की।