नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में एशिया के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करते हुए देश के विमानन क्षेत्र, किसानों और युवाओं के लिए एक विस्तृत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने इस अवसर पर देश की प्रगति की तेज रफ्तार का उल्लेख करते हुए पिछली सरकारों की कार्यशैली पर कटाक्ष किया। उद्घाटन का दृश्य उस समय ऐतिहासिक हो गया जब नरेंद्र मोदी ने उपस्थित जनसमूह से अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट ऑन करने को कहा। उन्होंने इसे जनता की ‘अमानत’ बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल पर्दा हटाया है, जबकि वास्तविक उद्घाटन जनता ने किया है।
संबोधन के दौरान नरेंद्र मोदी ने देश को विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले भारत में हवाई जहाजों की सर्विसिंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण 85 प्रतिशत विमानों को विदेश भेजना पड़ता था, लेकिन अब जेवर में एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल) सुविधा शुरू होने से भारत इस दिशा में स्वावलंबी बनेगा। उन्होंने केंद्र की ‘उड़ान’ योजना की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि इसके माध्यम से अब तक 1.6 करोड़ लोग हवाई यात्रा कर चुके हैं और सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 29 हजार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
आधारभूत ढांचे के विस्तार पर चर्चा करते हुए नरेंद्र मोदी ने बताया कि साल 2014 से पहले देश में केवल 74 एयरपोर्ट थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 120 से अधिक हो गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कार्यक्षमता इतनी अधिक होगी कि यहां से हर 2 मिनट में एक उड़ान संचालित की जा सकेगी, जो देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि अब यह राज्य देश का ऐसा हब बन गया है जहां सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे मौजूद हैं।
किसानों के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि गन्ने से बने इथेनॉल के बढ़ते उपयोग के कारण देश को करीब 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल का आयात कम करना पड़ा है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। उन्होंने बताया कि दादरी में दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर के मिलने से यह क्षेत्र एक बड़ा लॉजिस्टिक हब बनेगा, जिससे स्थानीय किसानों और व्यापारियों के उत्पाद वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
राजनीतिक कटाक्ष करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले के मुख्यमंत्री अंधविश्वास के कारण नोएडा आने से कतराते थे, लेकिन अब यह क्षेत्र विकास के नए प्रतीक के रूप में उभरा है। उन्होंने विश्वास जताया कि एमआरओ और इस विशाल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह उद्घाटन उत्तर प्रदेश और पूरे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास के एक नए युग की शुरुआत है।