Uttarakhand: नैनीताल में मुख्य सचिव का बड़ा फैसला, भवाली रातिघाट बाईपास को जून तक शुरू करने के निर्देश

नैनीताल। उत्तराखंड की शासन व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन नैनीताल जिले के भ्रमण पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कैंची धाम क्षेत्र में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को होने वाली भारी ट्रैफिक जाम की समस्या को गंभीरता से लिया। मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन भवाली-रातिघाट बाईपास, भवाली बाईपास और विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि पर्यटन सीजन और जून माह की शुरुआत से पहले इस बाईपास को हर हाल में सुचारू किया जाए, ताकि नैनीताल और अल्मोड़ा के बीच यात्रा करने वाले लोगों को जाम के झंझट से मुक्ति मिल सके।

भवाली-रातिघाट बाईपास के लिए सख्त समय सीमा
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देशित किया कि भवाली-रातिघाट बाईपास मार्ग का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी पर्यटन सीजन में लाखों की संख्या में सैलानियों के आने की संभावना है, जिसे देखते हुए इस मार्ग का चालू होना अनिवार्य है। मुख्य सचिव ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि जब तक स्थाई मोटर पुल का निर्माण पूरी तरह संपन्न नहीं हो जाता, तब तक इस सीजन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर वैलिब्रिज स्थापित किया जाए। उनका उद्देश्य किसी भी कीमत पर जून माह से पूर्व यातायात को सुचारू करना है ताकि मुख्य सड़क पर दबाव कम हो सके।

कैंची धाम: आस्था और व्यवस्था का संगम
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज का कैंची धाम मंदिर अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। यहां देश-विदेश से श्रद्धालु वर्ष भर आते रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी और प्राथमिकता है। मुख्य सचिव के अनुसार, यातायात की बेहतर सुविधा न केवल पर्यटकों के लिए सुखद होगी, बल्कि इससे पहाड़ी जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा। इसी प्रतिबद्धता के साथ उन्होंने कैंची धाम मंदिर में मत्था टेककर प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की।

तकनीकी प्रगति और बजट का ब्योरा
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पीएस बृजवाल ने निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव को विस्तृत तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भवाली सेनीटोरियम से रातिघाट तक की कुल 18.15 किलोमीटर लंबी बाईपास परियोजना में से 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और वहां वर्तमान में यातायात चल रहा है। इस हिस्से के लिए विभाग को 12 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ था।

परियोजना के शेष 10.15 किलोमीटर भाग के लिए शासन से 5 करोड़ 6 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, जिससे पहाड़ कटिंग का महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से सड़क सुरक्षा के लिए कलमठ और सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, इस बाईपास को रातिघाट स्थित भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान के एक बड़े मोटर पुल का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 9 करोड़ 63 लाख रुपये जारी किए हैं और इसका निर्माण कार्य प्रगति पर है।

भवाली बाजार को जाम से मिली राहत
मुख्य सचिव ने 10 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सेनीटोरियम-भवाली बाईपास का भी निरीक्षण किया। इस मार्ग पर शिप्रा नदी के ऊपर 30 मीटर लंबा डबल लेन मोटर पुल बनाया गया है। यह मार्ग अब पूरी तरह यातायात के लिए खुल चुका है। आनंद बर्द्धन ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस बाईपास के बनने से अब वाहनों को भवाली बाजार के संकरे रास्तों से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे बाजार में लगने वाले पुराने जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है।

कैंची धाम का सौंदर्यीकरण और मानस खंड मिशन
कैंची धाम परिसर में ‘मानस खंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत 40 करोड़ 81 लाख रुपये से अधिक की लागत से पर्यटन विकास के कार्य किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने वहां बन रही बहुमंजिला कार पार्किंग, मेडिटेशन सेंटर, आधुनिक पाथवे और पैदल पुल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही, पर्यटन विभाग की ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत 17 करोड़ 59 लाख रुपये से बनाए जा रहे फैसिलिटेशन सेंटर के कार्यों का भी जायजा लिया।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्किंग स्थल में वाहनों के प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग द्वारों की व्यवस्था की जाए, ताकि भीड़ बढ़ने पर अव्यवस्था न फैले। उन्होंने जिलाधिकारी को पुलिस और कार्यदायी संस्थाओं के साथ तत्काल बैठक कर इस व्यवस्था को लागू करने को कहा।

नैनीताल माल रोड की सुरक्षा पर ध्यान
अपने भ्रमण के अंतिम चरण में मुख्य सचिव नैनीताल की प्रसिद्ध लोअर माल रोड पहुंचे। वर्ष 2018 में हुए भू-धंसाव के कारण सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए 3 करोड़ 48 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने टीएचडीसी द्वारा तैयार किए गए डिजाइन के आधार पर चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों की गुणवत्ता जांची। मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने और निर्धारित समय के भीतर झील की ओर हो रहे धंसाव को रोकने के निर्देश दिए।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान कुमाऊं आयुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, मुख्य अभियंता सिंचाई संजय कुमार शुक्ला, अधीक्षण अभियंता लोनिवि मनोहर सिंह धर्मशक्तू और उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव के इस दौरे से जिले की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।

 

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