नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर पड़ा असर अब क्रिकेट जगत को भी प्रभावित कर रहा है। पिछले कई दिनों से भारत में फंसी वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीमें आखिरकार 10 मार्च को अपने स्वदेश के लिए रवाना होंगी। विमानों की कमी और युद्ध के चलते कई देशों द्वारा अपना हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) बंद किए जाने के कारण ये टीमें वापस नहीं जा पा रही थीं। खिलाड़ियों की इस समस्या को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने विशेष पहल की है और दोनों टीमों के लिए एक चार्टर्ड फ्लाइट का इंतजाम किया है।
तय कार्यक्रम के अनुसार, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों व स्टाफ को लेकर यह विशेष विमान मंगलवार दोपहर 2:30 बजे भारत से जोहान्सबर्ग के लिए उड़ान भरेगा। जोहान्सबर्ग पहुँचने के बाद दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी अपने देश में रुक जाएंगे, जबकि वेस्टइंडीज की टीम वहां से आगे की यात्रा कर एंटीगुआ के लिए रवाना होगी। इस संकट के कारण दोनों टीमों के खिलाड़ियों को भारत में काफी अतिरिक्त समय बिताना पड़ा, जिससे उनके आगे के कार्यक्रम भी प्रभावित हुए हैं।
वर्तमान में भारत में वेस्टइंडीज के कुल 12 खिलाड़ी और 10 सहयोगी स्टाफ सदस्य मौजूद हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीकी दल में 12 खिलाड़ी और 2 सपोर्ट स्टाफ के सदस्य फंसे हुए थे। इससे पहले यात्रा को लेकर कुछ वैकल्पिक योजनाएं भी बनाई गई थीं। वेस्टइंडीज के कोच डैरेन सैमी के बारे में जानकारी मिली थी कि वे सिंगापुर के रास्ते स्वदेश लौट सकते हैं, जबकि टीम के तीन अन्य खिलाड़ी भी अलग-अलग मार्गों से यात्रा करने की तैयारी में थे।
दक्षिण अफ्रीका की टीम के लिए यह घर वापसी और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें जल्द ही अपनी अगली सीरीज में हिस्सा लेना है। टीम के तीन प्रमुख खिलाड़ी—केशव महाराज, जॉर्ज लिंडे और जैसन स्मिथ पहले ही न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो चुके हैं। वहां 15 मार्च से दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज शुरू होने वाली है।
इस पूरी कूटनीतिक और परिवहन संबंधी अव्यवस्था का मुख्य कारण अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और उसके बाद उत्पन्न हुए युद्ध के हालात हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पश्चिम एशिया के कई देशों ने अपने हवाई मार्गों को प्रतिबंधित कर दिया था, जिससे व्यावसायिक उड़ानों का शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ गया। वेस्टइंडीज की टीम 1 मार्च को कोलकाता में भारत से अपना सुपर 8 मैच हारने के बाद से ही वहीं रुकी हुई थी। इसी तरह, दक्षिण अफ्रीका की टीम भी 4 मार्च को ईडन गार्डन्स में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड से हारने के बाद वापस नहीं जा सकी थी। आईसीसी की इस समय पर की गई मदद से अब खिलाड़ियों ने राहत की सांस ली है।