चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मोहाली में 13 से 15 मार्च तक आयोजित होने वाले ‘प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टमेंट समिट’ की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने इस शिखर सम्मेलन को राज्य में औद्योगिक विकास की गति को तेज करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक आयोजन पंजाब को दुनिया भर में निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा और राज्य की तकदीर बदलने में सहायक सिद्ध होगा।
बैठक को संबोधित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का विषय ‘पंजाब मीन्स बिजनेस – पॉलिसी टू प्रैक्टिस’ रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस मेगा इवेंट के लिए राज्य सरकार ने गुरुग्राम, नई दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भी रोड शो आयोजित किए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, शिखर सम्मेलन में उद्घाटन, समापन, देश-विशिष्ट सत्र, प्लेनरी और सेक्टर-वार विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहां दुनिया भर के औद्योगिक दिग्गजों के साथ गहन चर्चा के बाद एक उद्योग-अनुकूल कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पंजाबियों के नेतृत्व और उद्यमशीलता कौशल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिकीकरण ही एकमात्र समाधान है, क्योंकि कृषि क्षेत्र अब अपनी अधिकतम सीमा तक पहुंच चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक राज्य सरकार लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने में सफल रही है, जिससे राज्य के युवाओं के लिए 5.20 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। टाटा स्टील और सनातन टेक्सटाइल्स जैसी अग्रणी कंपनियां पहले से ही पंजाब में निवेश के लिए आगे आ रही हैं।
औद्योगिक सुधारों का जिक्र करते हुए भगवंत सिंह मान ने बताया कि औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देने के लिए पंजाब सरकार ने सेल डीड के पंजीकरण में ‘ग्रीन स्टैंप पेपर’ की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां बेहतर औद्योगिक माहौल के साथ-साथ कुशल जनशक्ति भी उपलब्ध है। ऊर्जा सुरक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली विकास का इंजन है, और सरकार ने पंजाब को बिजली अधिशेष राज्य बनाने के लिए ठोस प्रयास किए हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिखर सम्मेलन का लोगो (प्रतीक चिन्ह) भी जारी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए जाएं। शिखर सम्मेलन में प्रदर्शनी, सेमिनार और तकनीकी सत्रों के अलावा उभरती प्रौद्योगिकियों और रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से देश-विदेश के बड़े निवेशक पंजाब की प्रगति में सहभागी बनेंगे।
Pls read:Punjab: पंजाब में रोडवेज और पीआरटीसी कर्मियों की हड़ताल से थमे बसों के पहिये