Punjab: पंजाब ने जीएसटी वसूली में हासिल की अभूतपूर्व बढ़त राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ अग्रणी राज्य बना – The Hill News

Punjab: पंजाब ने जीएसटी वसूली में हासिल की अभूतपूर्व बढ़त राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ अग्रणी राज्य बना

चंडीगढ़। भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 के तहत कर दरों को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया से उपजी राजस्व चुनौतियों के बीच पंजाब ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय दबाव और नीतिगत बदलावों के बावजूद राज्य ने जनवरी 2026 के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण में शानदार वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़त न केवल बेहतर कर अनुपालन और केंद्रित प्रवर्तन प्रणाली का परिणाम है, बल्कि राज्य में जारी निरंतर आर्थिक गतिविधियों की मजबूती को भी दर्शाती है। पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस प्रदर्शन को राज्य की वित्तीय स्थिरता के लिए एक शुभ संकेत बताया है।

आधिकारिक विवरण साझा करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने जानकारी दी कि जनवरी 2026 के दौरान पंजाब में कुल 2452.66 करोड़ रुपये का जीएसटी वसूला गया है। यदि शुद्ध जीएसटी वसूली के आंकड़ों की तुलना पिछले वर्ष के इसी महीने से की जाए, तो जनवरी 2025 के मुकाबले इसमें 15.7 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय रूप से यह बढ़त लगभग 315 करोड़ रुपये की वार्षिक वृद्धि के बराबर है। सरकार का मानना है कि यह आंकड़ा राज्य की कर संग्रहण मशीनरी की कुशलता और करदाताओं के सकारात्मक व्यवहार का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

पंजाब की यह उपलब्धि इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जीएसटी 2.0 के तहत दरों में की गई कटौती के कारण राज्य को हर महीने लगभग 250 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इस कर कटौती से धागा, टेक्सटाइल, होजरी, फार्मास्यूटिकल्स, बीमा, टायर और सीमेंट जैसे राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। इन क्षेत्रों से मिलने वाले राजस्व में कमी आने के बावजूद पंजाब ने न केवल इस नुकसान की भरपाई की, बल्कि प्रशासनिक सुधारों और प्रभावी नीतिगत लागूकरण के माध्यम से राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक विकास दर हासिल कर ली।

वित्त मंत्री ने आगे बताया कि यदि पूरे वित्तीय वर्ष के आधार पर जनवरी 2026 तक के शुद्ध जीएसटी संग्रहण को देखें, तो इसमें 13.4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। राज्य की कुल शुद्ध जीएसटी वसूली पिछले वर्ष के 19,415 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 22,014 करोड़ रुपये तक पहुँच गई है। इसी अवधि के दौरान कुल जीएसटी संग्रहण की दर में भी 13.0 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो यह दर्शाता है कि पंजाब का कर आधार काफी लचीला है और किसी भी बाहरी वित्तीय उतार-चढ़ाव को झेलने में सक्षम है।

जनवरी 2026 के आंकड़ों में एक और बड़ी उपलब्धि एसजीएसटी (राज्य जीएसटी) नकद वसूली के क्षेत्र में दर्ज की गई है। इस मद में 14.4 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि हुई है, जो इस महीने के दौरान भारत के सभी राज्यों में सबसे अधिक विकास दर है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर औसत वृद्धि दर लगभग 6 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है, वहीं पंजाब ने इससे दोगुने से भी अधिक की दर हासिल कर पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यह इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार कर चोरी रोकने और वैधानिक कर संग्रहण को बढ़ाने में सफल रही है।

राजस्व संग्रहण के साथ-साथ राज्य सरकार ने करदाताओं की सहूलियत और व्यावसायिक सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) पर भी विशेष ध्यान दिया है। हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि केवल जनवरी 2026 के दौरान ही 129 करोड़ रुपये के एसजीएसटी रिफंड जारी किए गए हैं। यदि पूरे महीने के कुल जीएसटी रिफंड की बात करें, तो यह आंकड़ा लगभग 300 करोड़ रुपये के करीब है। कर विभाग का मानना है कि समय पर और पारदर्शी तरीके से रिफंड जारी करने से व्यापारिक समुदाय का सरकार पर विश्वास बढ़ता है, जो एक स्वस्थ कर वातावरण के निर्माण के लिए अनिवार्य है।

कर चोरी के खिलाफ की गई प्रवर्तन कार्रवाइयों ने भी राजस्व बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (एसआईपीयू) ने जनवरी 2026 के दौरान सड़कों पर सघन जांच, भौतिक निरीक्षण और डेटा सत्यापन के माध्यम से जाली बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी को रोकने में सफलता पाई है। इस इकाई ने केवल एक महीने में 200 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व हानि को रोका है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान प्रवर्तन संबंधी कुल वसूली अब 1,000 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े के करीब पहुँच गई है, जो राज्य के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक वसूली है। यह स्पष्ट करता है कि विभाग अब पारंपरिक तरीकों के बजाय डेटा-आधारित तकनीक का उपयोग कर कर चोरों पर नकेल कस रहा है।

हालांकि, इन सफलताओं के बीच पंजाब को कुछ वित्तीय चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले तीन महीनों के दौरान केंद्र सरकार द्वारा आईजीएसटी (एकीकृत जीएसटी) निपटान के दौरान लगभग 280 करोड़ रुपये की एकपक्षीय कटौती की गई है। इस कटौती ने राज्य के वित्त पर अतिरिक्त दबाव डाला है, लेकिन इसके बावजूद पंजाब ने विकास की ओर अपनी गति को धीमा नहीं होने दिया।

समापन के तौर पर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कर विभाग एक निष्पक्ष, पारदर्शी और पूरी तरह से प्रौद्योगिकी-आधारित कर प्रबंधन प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार का लक्ष्य न केवल राजस्व को सुरक्षित रखना है, बल्कि उन ईमानदार करदाताओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी है जो समय पर कर का भुगतान करते हैं। बेहतर विश्लेषण और कुशल प्रशासनिक ढांचे के माध्यम से पंजाब ने यह साबित कर दिया है कि नीतिगत बाधाओं के बावजूद निरंतर प्रयासों से बड़े वित्तीय लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

 

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