पालमपुर।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देशहित में दो अत्यंत महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे कर रहा होगा, तब तक यदि प्रधानमंत्री दो और ऐतिहासिक कार्यों को अंजाम दे देते हैं, तो स्वतंत्रता की यह शताब्दी भारतीय इतिहास में और भी अधिक गौरवशाली और चमकदार हो जाएगी। शांता कुमार द्वारा उठाई गई इन मांगों में पहली प्राथमिकता पूरे भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) को प्रभावी ढंग से लागू करना है और दूसरी मुख्य मांग देश की निरंतर बढ़ती जनसंख्या पर कठोर नियंत्रण स्थापित करना है।
शांता कुमार ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री के पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों के लंबे और कठिन संघर्ष के बाद, साथ ही सैकड़ों राम भक्तों के बलिदान के फलस्वरूप अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खात्मे को भारत के माथे पर लगे एक पुराने कलंक को मिटाने जैसा बताया। उनके अनुसार, ये ऐसे ऐतिहासिक कार्य थे जिन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को एक नई मजबूती प्रदान की है और अब समय आ गया है कि भविष्य की चुनौतियों के लिए कड़े कानून बनाए जाएं।
राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर से लेकर संसद तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव और लोकप्रियता हर चुनाव के साथ लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने हालिया चुनावी परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा और बिहार के बाद अब महाराष्ट्र और मुंबई में मिली शानदार जीत ने पश्चिम बंगाल में आगामी सफलता की एक मजबूत नींव रख दी है। शांता कुमार ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में स्वामी विवेकानंद की धरती पश्चिम बंगाल भी राष्ट्रीय विचारधारा वाली शक्तियों के साथ मिलकर आगे बढ़ेगा और वहां भी विकास की नई लहर देखने को मिलेगी।
वर्तमान में दुबई के दौरे पर मौजूद शांता कुमार ने वहीं से यह बयान जारी किया। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की बदलती स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आज नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी का कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं है। उन्होंने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि विश्व के 130 से अधिक देशों के शासनाध्यक्षों के बीच नरेंद्र मोदी सबसे अधिक लोकप्रिय नेता के रूप में उभरकर सामने आए हैं। उनके नेतृत्व में भारत की साख पूरी दुनिया में बढ़ी है।
आर्थिक मोर्चे पर भारत की प्रगति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे अमीर पांच देशों की सूची में शामिल हो चुका है। इसके साथ ही, भारत विश्व की तीसरी सबसे तेज गति से बढ़ती हुई आर्थिक शक्ति बनकर उभरा है। शांता कुमार का मानना है कि इतनी बड़ी उपलब्धियों के बाद अब समय आ गया है जब देश को आंतरिक मजबूती प्रदान करने के लिए समान नागरिक संहिता और जनसंख्या नियंत्रण जैसे विषयों पर ठोस कानून बनाए जाने चाहिए। उनके अनुसार, ये दो कदम न केवल सामाजिक समानता सुनिश्चित करेंगे, बल्कि देश के संसाधनों के सही प्रबंधन और भविष्य की समृद्धि में भी सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इन दोनों विषयों पर गंभीरता से विचार कर जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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