विकासनगर।
उत्तराखंड के विकासनगर अंतर्गत कोतवाली क्षेत्र के ढालीपुर गांव में एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली 18 वर्षीय छात्रा मनीषा तोमर की अत्यंत नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और ग्रामीण दहशत में हैं। हैरानी की बात यह है कि छात्रा जिस चचेरे भाई के साथ दवा लेने गई थी, वह वारदात के बाद से ही लापता है, जिससे हत्या की सुई उसी की ओर घूम रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीषा तोमर को पिछले कुछ समय से दांतों में तकलीफ थी। बुधवार शाम को वह अपने चचेरे भाई सुरेंद्र के साथ दवा लेने के लिए घर से निकली थी। दोनों बाइक पर सवार होकर विकासनगर गए थे। शाम बीत गई और अंधेरा घिरने लगा, लेकिन जब रात 9:00 बजे तक भी दोनों वापस नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। परिजनों ने पहले उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मनीषा के माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों ने आसपास के क्षेत्रों और विकासनगर जाने वाले रास्ते पर उनकी तलाश शुरू की।
देर रात खोजबीन के दौरान गांव से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर झाड़ियों के पास कुछ संदिग्ध हलचल दिखाई दी। जब परिजन वहां पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वहां मनीषा का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था। वारदात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हत्यारे ने छात्रा के साथ अत्यंत क्रूरता बरती थी। मनीषा के गले पर किसी धारदार हथियार से वार किया गया था, जिससे उसका गला बुरी तरह कट गया था। इतना ही नहीं, उसकी पहचान छिपाने या गुस्से में उसके चेहरे को पत्थर से इस कदर कुचला गया था कि चेहरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।
घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि वारदात के बाद से मृतका का चचेरा भाई सुरेंद्र गायब है और उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। सुरेंद्र का अचानक फरार होना पुलिस के लिए उसे मुख्य संदिग्ध के तौर पर देखने का बड़ा कारण बन गया है।
मनीषा के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि जिस भाई के भरोसे उन्होंने अपनी बेटी को भेजा था, वही इस तरह की वारदात में शामिल हो सकता है या उसकी मौजूदगी में ऐसी घटना कैसे हो गई। गांव में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और लोग आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें गठित की हैं। पुलिस सुरेंद्र की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। एसएसपी ने बताया कि शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए चचेरे भाई की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है और उसकी गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में सुरेंद्र के साथ कोई और भी शामिल था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या विवाद था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से तफ्तीश जारी है।
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