Punjab: गायब हुए गुरु ग्रंथ साहिब के 169 पावन स्वरूपों का एसआईटी ने लगाया पता

मुक्तसर। पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब के गायब हुए पावन स्वरूपों के मामले में एक बहुत बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुलासा किया है कि गायब हुए कुल 328 स्वरूपों में से 169 स्वरूपों का स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने पता लगा लिया है। ये सभी पावन स्वरूप नवांशहर के बंगा इलाके में स्थित एक डेरे में मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इन 169 स्वरूपों में से 139 स्वरूपों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है, जबकि केवल 30 स्वरूपों का रिकॉर्ड ही उपलब्ध हो सका है। भगवंत मान ने इस कार्यवाही पर कहा कि वे इसे अपनी सरकार की कोई बड़ी उपलब्धि नहीं मानते, बल्कि यह उनकी जिम्मेदारी और ड्यूटी है जिसे वे निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री का यह बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब उन्हें 15 जनवरी को अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज के सामने पेश होना है। भगवंत मान पर आरोप है कि उन्होंने धार्मिक गोलक के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया और गुरुओं की तस्वीरों का अपमान किया। इसी मामले में अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने के लिए उन्हें वीरवार को अकाल तख्त साहिब के कार्यालय में तलब किया गया है।

गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों के गायब होने का यह मामला काफी पुराना और संवेदनशील है। साल 2020 में जब 328 स्वरूपों के लापता होने की बात सामने आई थी, तब अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन कार्यकारी जत्थेदार हरpreet सिंह ने एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की कमान ईशर सिंह को सौंपी गई थी। ईशर सिंह कमेटी ने 2020 में ही अपनी रिपोर्ट पेश कर दी थी, जिसमें कुल 16 लोगों को दोषी ठहराया गया था। इन दोषियों में से दो की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कुछ अन्य दोषियों को बर्खास्त कर दिया था। हालांकि, उस समय गायब हुए स्वरूपों की बरामदगी को लेकर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी थी। अब मौजूदा सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच में यह पहली बड़ी सफलता हाथ लगी है।

इस मामले में पिछले कुछ दिनों से विरोधाभासी खबरें भी सामने आ रही थीं। दो दिन पहले एक समाचार रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एसआईटी को करीब पांच दर्जन स्वरूप मिल गए हैं जो सही मर्यादा में नहीं रखे गए हैं। उस रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि इन स्वरूपों को वापस लाने के लिए एसजीपीसी की मदद ली जाएगी। हालांकि, उस समय एसआईटी के एक सदस्य ने इस खबर को गलत और ‘सेल्फ इनपुट’ बताते हुए खारिज कर दिया था। लेकिन अब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वयं मुक्तसर में सार्वजनिक रूप से 169 स्वरूपों के मिलने की पुष्टि कर दी है।

वर्तमान में एसआईटी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और एसजीपीसी के पूर्व सीए सतिंदर सिंह कोहली को भी हिरासत में लिया गया है। यह पूरा विषय पंजाब की राजनीति में भी गरमाया हुआ है और आम आदमी पार्टी तथा शिरोमणि अकाली दल के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी रहेगी ताकि शेष स्वरूपों और इस पूरी गड़बड़ी के पीछे के तथ्यों को पूरी तरह उजागर किया जा सके। सरकार अब इन बरामद हुए स्वरूपों को धार्मिक मर्यादा के अनुसार सुरक्षित स्थान पर सुशोभित करने की प्रक्रिया पर विचार कर रही है।

 

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