हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड में विवादित ऑडियो और वीडियो वायरल होने के बाद गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में एसआईटी ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर से मैराथन पूछताछ की। हरिद्वार में हुई इस पूछताछ के दौरान जांच अधिकारियों ने उर्मिला सनावर से करीब पांच घंटे तक सवाल-जवाब किए। इस दौरान उनसे लगभग 150 सवाल पूछे गए, जिनमें वीडियो की सत्यता और उसमें किए गए दावों के आधार को लेकर जानकारी मांगी गई।
एसआईटी ने पूछताछ के दौरान उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के बीच हुई बातचीत की करीब 48 मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुनी। इस रिकॉर्डिंग में हुए संवादों को लेकर अधिकारियों ने कई स्पष्टीकरण मांगे। पूछताछ की इस प्रक्रिया में एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, एसपी देहात शेखर सुयाल और सीओ लक्सर नताशा सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, ज्वालापुर और रानीपुर के कोतवाल तथा बहादराबाद थाने में दर्ज मुकदमों के विवेचकों ने भी अपने-अपने स्तर पर उर्मिला से जानकारी जुटाई। जांच टीम अब इन बयानों और रिकॉर्डिंग्स का मिलान उपलब्ध साक्ष्यों से करने में जुटी है।
दूसरी ओर, अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में भी उबाल बना हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर इस संवेदनशील मामले में राजनीति करने और राज्य का माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ग्रामीण रोजगार के मुद्दे पर जनता के बीच भ्रम और झूठ फैला रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मंशा अंकिता प्रकरण की आड़ में अशांति पैदा करना है।
महेंद्र भट्ट ने मनरेगा और नई प्रस्तावित ‘जी राम जी’ योजना पर कांग्रेस की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि सवाल किसी योजना की आत्मा का नहीं, बल्कि कांग्रेस की भ्रष्टाचारी नियत का है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा रोजगार गारंटी और वित्तीय उपलब्धता को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। भट्ट ने बताया कि नई व्यवस्था में अब 100 के बजाय 125 दिनों की रोजगार गारंटी सुनिश्चित की गई है और इसके बजट में भी भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे डेढ़ लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा रहा है ताकि भुगतान 15 दिनों के भीतर सीधे श्रमिकों के खाते में पहुंचे। यदि भुगतान में देरी होती है, तो ब्याज दिया जाएगा और काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है।
अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरफ तो सीबीआई को केंद्र के इशारे पर काम करने वाली एजेंसी बताती है और दूसरी तरफ इसी एजेंसी से जांच की मांग कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी राय जानी है और सरकार उनकी भावनाओं के अनुरूप विधिक राय ले रही है। भट्ट ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग दबाव में वीडियो बनवाकर झूठे आरोप लगा रहे हैं, जिसके लिए कांग्रेस को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। फिलहाल, एसआईटी की जांच और इस पर हो रही राजनीति ने प्रदेश में हलचल तेज कर दी है।