भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। टूर्नामेंट शुरू होने में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है और सभी टीमें अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी हैं। लेकिन इसी बीच मेजबान और डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय टीम के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। टीम की बल्लेबाजी, खासकर शीर्ष क्रम का प्रदर्शन चिंता का विषय बन गया है। टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और उपकप्तान शुभमन गिल लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, जिसने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की नींद उड़ा दी है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में ये दोनों ही बल्लेबाज बुरी तरह फ्लॉप रहे। घरेलू परिस्थितियों में होने वाले विश्व कप को देखते हुए टीम को एक मजबूत शुरुआत की जरूरत है, लेकिन कप्तान और उपकप्तान का बल्ला खामोश है। हालात यह हैं कि अगर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बचे हुए तीन मैचों में इनके प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ, तो टीम प्रबंधन को कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। सीरीज का तीसरा मैच रविवार को धर्मशाला में खेला जाना है। हालांकि विश्व कप शुरू होने में महज दो महीने का वक्त बचा है, इसलिए कप्तान सूर्यकुमार को बदलना तो मुश्किल होगा, लेकिन शुभमन गिल की जगह पर खतरा मंडरा सकता है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो सूर्यकुमार यादव पिछली 25 पारियों में लगातार संघर्ष करते दिखे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी वे तेज गेंदबाजों के सामने असहज नजर आए। उनकी टाइमिंग और शॉट चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बतौर कप्तान उनसे जिम्मेदारी भरी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे ऐसा करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी तरफ, शुभमन गिल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें टी20 टीम की उपकप्तानी सौंपी गई थी, लेकिन टी20 फॉर्मेट में वे अपनी लय हासिल नहीं कर पा रहे हैं। उनका स्ट्राइक रेट और पावरप्ले में रन बनाने की गति धीमी रही है। साल 2023 से अब तक 35 मैचों में उन्होंने रन तो बनाए हैं, लेकिन उनकी हालिया 18 पारियों का ग्राफ काफी नीचे गिरा है।
गिल की खराब फॉर्म ने संजू सैमसन के लिए टीम में वापसी के दरवाजे खोल दिए हैं। अगर गिल अपनी लय नहीं पकड़ पाते हैं तो संजू सैमसन को मौका मिल सकता है। सैमसन का बतौर ओपनर रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। साल 2022 से अब तक उन्होंने 17 पारियों में तीन शतक जड़े हैं। उनके टीम में आने से भारत को एक विस्फोटक ओपनर और विकेटकीपर का विकल्प मिल जाएगा, जिससे मध्यक्रम में भी संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि गिल की खराब फॉर्म का असर पूरी टीम पर पड़ रहा है। पठान के मुताबिक अगर संजू सैमसन को वापस लाया जाता है तो पुराने सफल बल्लेबाजी क्रम को बहाल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कप्तान सूर्यकुमार यादव को भी अपने ऑफ साइड के खेल पर ध्यान देने की सलाह दी है। वहीं, भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोएशे ने गिल का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने वापसी के बाद खुद पर बहुत ज्यादा बोझ ले लिया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि गिल बिना किसी दबाव के आईपीएल की तरह खुलकर बल्लेबाजी करें। अब देखना होगा कि आने वाले मैचों में ये दिग्गज खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन करते हैं।
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