धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के पशुपालकों को एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने आज धर्मशाला में पशुपालन विभाग के उप-निदेशक के नवनिर्मित कार्यालय भवन का विधिवत उद्घाटन किया। इस आधुनिक भवन के निर्माण पर सरकारी खजाने से 3.21 करोड़ रुपये की लागत आई है। सरकार का मानना है कि इस नई इमारत और यहां मिलने वाली बेहतर सुविधाओं से कांगड़ा जिले के हजारों पशुपालकों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और विभागीय कार्यों में तेजी आएगी।
इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है और पशुपालन इसका एक अहम जरिया है। मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए अपनी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनवाईं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों के भीतर प्रदेश में दूध के खरीद मूल्यों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने दूध की कीमत में 21 रुपये की वृद्धि की है, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में सीधा इजाफा हुआ है।
दूध के दामों में बढ़ोतरी के अलावा सरकार ने परिवहन सब्सिडी में भी भारी इजाफा किया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दूध पर दी जाने वाली परिवहन सब्सिडी को 1.50 रुपये से बढ़ाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा जो किसान दो किलोमीटर से अधिक दूरी से खुद दूध लेकर खरीद केंद्रों तक पहुंचते हैं, उन्हें सरकार की ओर से दो रुपये प्रति लीटर की अलग से सब्सिडी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ये सभी कदम पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए उठाए गए हैं।
दुग्ध प्रसंस्करण यानी मिल्क प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी सरकार बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कांगड़ा जिले के ढगवार में एक विशाल दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस प्लांट की क्षमता करीब 1.50 लाख लीटर दूध को प्रोसेस करने की होगी। इसके साथ ही शिमला जिले के दत्तनगर स्थित मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की क्षमता में भी विस्तार किया गया है।
सरकार की इन नीतियों का असर जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए पिछली भाजपा सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से मिल्कफेड लगातार मजबूत हो रहा है। आज की तारीख में मिल्कफेड प्रतिदिन तीन लाख लीटर दूध की खरीद कर रहा है, जो कि एक रिकॉर्ड है। जबकि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान यह आंकड़ा महज 90,000 लीटर प्रतिदिन तक ही सीमित था। यह भारी अंतर दर्शाता है कि पशुपालकों का रुझान सरकारी खरीद की तरफ बढ़ा है।
इस उद्घाटन समारोह के दौरान प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार और विधायक सुरेश कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित थे। उनके अलावा ऊन फेडरेशन के चेयरमैन मनोज ठाकुर, कांग्रेस नेता देवेंद्र सिंह जग्गी और राम चंद्र पठानिया ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। मौके पर पशुपालन विभाग के सचिव रितेश चौहान और निदेशक संजीव कुमार धीमान समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने सरकार के इस कदम की सराहना की और उम्मीद जताई कि नई सुविधाओं से विभाग की कार्यप्रणाली और बेहतर होगी।
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