देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेब उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। उन्होंने उद्यान विभाग के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2022-23 तक संचालित ‘मिशन एप्पल’ और वर्ष 2023-24 से संचालित ‘सेब की अति सघन बागवानी योजना’ के लाभार्थी किसानों की लंबित राज सहायता (सब्सिडी) का भुगतान प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार कृषक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मिशन एप्पल और सेब की अति सघन बागवानी योजना के लाभार्थी किसानों की लंबित राज सहायता का भुगतान शीघ्रता के साथ कराया जाएगा। सोमवार से ही इसकी प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।”
मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बाद, मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने रविवार को ही प्रमुख सचिव न्याय, सचिव वित्त और सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में लाभार्थी किसानों को तत्काल राज सहायता उपलब्ध कराने के लिए सोमवार 27 अक्टूबर से ही भौतिक सत्यापन सहित अन्य प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को लंबित राज सहायता की धनराशि जारी करने से संबंधित समस्त औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने को कहा।
आनंद वर्धन ने यह भी बताया कि वर्ष 2025-26 में सेब की बागवानी योजना के लिए 35.00 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को राज सहायता उपलब्ध कराने के लिए यदि और धनराशि की आवश्यकता होगी, तो राज्य सरकार द्वारा उसकी व्यवस्था भी की जाएगी। मुख्य सचिव ने संबंधित मुख्य जिला उद्यान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मिशन एप्पल और सेब की अति सघन बागवानी योजना के तहत किसानों के लंबित राज सहायता के भुगतान के लिए दिनांक 27.10.2025 से ही भौतिक सत्यापन एवं अन्य औपचारिकताओं की कार्यवाही प्रारम्भ की जाए।
यह निर्णय उन हजारों सेब उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, जिनकी सब्सिडी का भुगतान लंबे समय से लंबित था। उत्तराखंड में सेब की खेती राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और किसानों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने से उन्हें अपनी खेती को जारी रखने और सुधारने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार का यह कदम किसानों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, खासकर ऐसे समय में जब कृषि क्षेत्र को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया 27 अक्टूबर से शुरू होने से यह सुनिश्चित होगा कि योग्य किसानों को जल्द से जल्द उनके बकाए का भुगतान हो सके। इस पहल से न केवल किसानों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य में सेब उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि वह किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी। लंबित सब्सिडी का भुगतान एक महत्वपूर्ण कदम है जो किसानों का सरकार पर विश्वास बढ़ाएगा और उन्हें भविष्य में और अधिक उत्साह के साथ कृषि कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।