Uttarakhand: धामों, यात्रा मार्गां एवं ठहराव स्थलों में यात्रियों की रिर्पोट प्रतिदिन गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने केन्द्रीय गृह सचिव को दिया चारधाम यात्रा का अपडेट एनडीआरएफ व…

Uttarakhand: बदरीनाथ में रील्स बना रहे 15 लोगों का चालान, मोबाइल जब्त

बद्रीनाथ। प्रतिबंध के बाद भी रील्स और वीडियो बनाना श्रद्धालुओं को भारी पड़ गया। पुलिस ने…

HC: नैनीताल हाईकोर्ट का आदेश, एक साल में हो पूरे प्रदेश में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था

नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य में राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए दायर जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार को एक साल के भीतर पूरे प्रदेश में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सरकार ने कई क्षेत्रों में राजस्व पुलिस के स्थान पर रेगुलर पुलिस की व्यवस्था कर दी है, शेष क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रक्रिया जारी है। दरअसल, वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने भी नवीन चंद्र बनाम राज्य सरकार से संबंधित मामले में राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त करने की आवश्यकता महसूस की थी। राजस्व पुलिस की सीमाएं इस केस में कहा गया था कि राजस्व पुलिस को सिविल पुलिस की तरह प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। यही नहीं, राजस्व पुलिस के पास आधुनिक साधन जैसे डीएनए जांच, रक्त परीक्षण, फोरेंसिक जांच, फिंगर प्रिंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती हैं। इन सुविधाओं के अभाव में अपराधों की विवेचना करने में परेशानियां होती हैं। कोर्ट ने यह भी कहा था कि राज्य में नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था लागू होनी चाहिए। हाई कोर्ट का आदेश इधर हाई कोर्ट ने भी सरकार को राजस्व पुलिस व्यवस्था को लेकर वर्ष 2018 में कई दिशा निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश का सरकार की ओर से पूरी तरह अनुपालन नहीं किया गया। याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया कि पूर्व में दिए आदेश का अनुपालन करवाया जाए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ऋतु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने समाधान, कृष्णा विहार जाखन देहरादून नामक संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए सरकार को एक साल के भीतर सभी राजस्व क्षेत्रों में राजस्व पुलिस व्यवस्था समाप्त करते हुए रेगुलर पुलिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। आगे का कदम इस आदेश के साथ, उत्तराखंड सरकार को अब पूरे राज्य में एक समान कानून व्यवस्था लागू करने के लिए कार्य करना होगा। यह कदम राज्य के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण वातावरण बनाने में मदद करेगा।

SC: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, देहरादून में गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि होगी नीलाम, भूमाफिया में खलबली

देहरादून: गोल्डन फॉरेस्ट की 1,484 करोड़ रुपये की हजारों बीघा भूमि/संपत्ति की नीलामी की तरफ सुप्रीम कोर्ट ने एक और कदम बढ़ा दिया है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि संपत्ति की नीलामी पैन इंडिया (अखिल भारतीय) स्तर पर की जाएगी। अब ताजा सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि तीन पार्टियों ने नीलामी में दिलचस्पी दिखाई है। इस वजह से जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने उत्तराखंड सरकार को गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। भूमाफिया में खलबली सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से भूमाफिया और अफसरों में खलबली की स्थिति है। क्योंकि, गोल्डन फॉरेस्ट के जिस अध्याय को अब तक समाप्त माना जा रहा था, उसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अधिकारियों की मुश्किल बढ़ सकती है साथ ही, उन अधिकारियों की मुश्किल भी बढ़ सकती है, जिन्होंने गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि को खुर्द–बुर्द होने दिया। सुप्रीम कोर्ट इसलिए भी गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों की नीलामी की दिशा में कार्रवाई तेज कर रहा है, ताकि जिन व्यक्तियों ने गोल्डन फॉरेस्ट की कंपनियों में पैसा लगाया है, उन्हें उनकी धनराशि वापस दिलाई जा सके। आयकर विभाग ने मूल्यांकन किया सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश पर आयकर विभाग ने गोल्डन फॉरेस्ट की देहरादून जिले में स्थित भूमि का भी मूल्यांकन कराया था। जिसमें आयकर विभाग ने संपत्ति का मूल्य 1,484 करोड़ रुपये से अधिक आका है। यह रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। तीन पार्टियों ने दिखाई दिलचस्पी अब यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों में स्थित गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों की नीलामी में तीन पार्टियों ने दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, अन्य पार्टियों के लिए भी रास्ता खुला रखा गया है। यथास्थिति बनी रहेगी सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों की नीलामी जहां जैसा है, के आधार पर की जाएगी। इसका आशय यह हुआ कि संपत्ति की जो भी स्थिति होगी, उसे उसी रूप में बोली में शामिल किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कोई भूमि किसी मुकदमेबाजी के अधीन है, तो बोली उसी जोखिम के साथ कराई जाएगी।   Pls read:Uttarakhand:…

Uttarakhand: बीते चौबीस घंटों में गढ़वाल में 23 वनाग्नि की घटनाएं

देहरादून। प्रदेश में बीते 24 घंटे में वनाग्नि की 23 घटनाएं सामने आई हैं। लगातार आग…

Uttarakhand: चारधाम यात्रियों की सुविधा के लिए ई-स्वास्थ्य धाम एप की शुरूआत

*स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी 50 वर्ष से अधिक आयु…

Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने जनता से फीडबैक लेकर, अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली से चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध की समीक्षा। विभिन्न यात्राओं के कुशल…

Uttarakhand: श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग में जाम में फंसे यात्रियों को जिला प्रशासन ने बांटे फूड पैकेट एवं पानी 

श्री केदारनाथ धाम में उमड़ रहा है आस्था का सैलाब, भारी संख्या में श्री केदारनाथ धाम…

Uttarakhand: प्लास्टिक फ्री श्री केदारनाथ धाम के लिए यात्रा मार्ग पर लगी दो प्लास्टिक वेंडिंग मशीन

-एक मशीन गौरीकुंड तो दूसरी केदारनाथ धाम परिसर में लगाई गई -मशीन में यात्री अपनी क्यूआर…

आज भी उत्तरकाशी के बड़कोट में ग्राउंड जीरो पर पहुँचे सीएम

चारधाम यात्रा::: मोर्चे पर मुखिया, सुधरे हालात -बीते रोज हरियाणा में चुनावी दौरे को छोड़ सीधे…