वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर भारतीय वायु सेना का भव्य एयर शो शुरू होते ही उत्साह का माहौल बन गया। नमो घाट, राजघाट और आसपास के गंगा घाटों पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना और रोमांचक करतब देखने के लिए दर्शक बेसब्री से इंतजार करते नजर आए। सुबह करीब दस बजे तक कई मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया, जबकि साढ़े दस बजे तक नमो घाट के आसपास के प्रमुख घाटों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच चुके थे।
एयर शो के दौरान नमो घाट देशभक्ति के गीतों से गूंजता रहा। कार्यक्रम का असर शहर के भीतर भी दिखाई दिया। कई लोग अपने घरों की छतों से गंगा की ओर उड़ान भरते विमानों को देखने के लिए जुटे रहे। छुट्टी का दिन होने के कारण बच्चों में भी खास उत्साह रहा। दोपहर दो बजे के बाद कार्यक्रम में विराम लगने पर घाटों से लोगों की वापसी शुरू हुई।
राफेल और सुखोई ने दिखाया दम
एयर शो का मुख्य प्रदर्शन सुबह करीब 11.30 बजे के बाद शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे के बाद सुखोई विमानों के करतबों ने दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया। इससे पहले सूर्यकिरण टीम के तीन विमानों ने विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार में उड़ान भरते हुए ‘विश्वनाथ’ फॉर्मेशन बनाया। विमानों ने गंगा के ऊपर तिरंगे के रंगों की छटा बिखेरी तो घाटों पर मौजूद लोगों ने तालियों और नारों से स्वागत किया।
राफेल विमान ने भी अपनी तेज गति, सटीक मोड़ और हवाई करतबों से लोगों को रोमांचित किया। प्रदर्शन के दौरान विमान ने अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया। कम ऊंचाई पर किए गए करतबों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। सुखोई और अन्य लड़ाकू विमानों की गर्जना से काशी का आसमान गूंज उठा।
हेलीकॉप्टर से कमांडो उतरे, तिरंगे की आकृति ने बढ़ाया उत्साह
दोपहर करीब 12.30 बजे गंगा में मौजूद जलयान पर हेलीकॉप्टर से कमांडो रस्सियों के सहारे उतरे। जवानों ने जलयान पर उतरकर अपनी स्थिति संभाली। उनके कौशल और तालमेल को देखकर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं।
भारतीय वायु सेना और थल सेना के तीन एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टरों ने ‘वरुणा’ फॉर्मेशन के तहत रस्सियों के सहारे जवानों को नीचे उतारने का प्रदर्शन किया। वहीं सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने अपनी उड़ान कला का प्रदर्शन किया। हेलीकॉप्टरों की कतार राजघाट पुल के ऊपर से गुजरी और तिरंगे के रंगों से जुड़े प्रदर्शन ने लोगों का उत्साह और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम में महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज भी सुनाई दी। उनकी आवाज के साथ कथक नृत्यांगनाओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति दी। गंगा की लहरों पर पड़ती सूर्य की किरणों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष रूप दिया।
पौराणिक नामों पर आधारित फॉर्मेशन बने आकर्षण
काशी में पहली बार आयोजित इस तरह के एयर शो में विमानों के फॉर्मेशन को पौराणिक और धार्मिक पहचान से जुड़े नाम दिए गए हैं। केदार, सारंग, ओंकार, गंगा, रुद्र, भागीरथी, त्रिदेव, अलकनंदा, भैरव, कैलाश और दशाश्वमेध जैसे नामों के जरिए आयोजन को काशी की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा गया।
भारतीय वायु सेना के अनुसार, यह प्रदर्शन उसकी वायु शक्ति, तकनीकी क्षमता और जवानों की पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसमें लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और विभिन्न प्रकार के हेलीकॉप्टर शामिल हैं। सूर्यकिरण और सारंग प्रदर्शन टीमों के साथ राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29 और स्वदेशी तेजस जैसे विमान भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण हैं।
मालवीय पुल बंद होने से यातायात प्रभावित
एयर शो को देखते हुए मालवीय पुल पर सुबह नौ बजे से आवागमन रोक दिया गया। इसके चलते दूसरे मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ा और कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुल पर आवाजाही बंद की गई है। अगले दो दिनों के कार्यक्रम के दौरान भी यातायात व्यवस्था लागू रहने की जानकारी दी गई है।
‘विंग्स ओवर गंगा’ के जरिए काशी में भारतीय वायु सेना की ताकत और हवाई कौशल का प्रदर्शन किया जा रहा है। गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की उड़ान, हेलीकॉप्टरों के करतब और देशभक्ति की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को शहरवासियों के लिए यादगार बना दिया।