Russia: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ट्रंप और जेलेंस्की के रिश्तों में बढ़ा तनाव – The Hill News

Russia: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ट्रंप और जेलेंस्की के रिश्तों में बढ़ा तनाव

मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। रूस के रियाजान क्षेत्र में स्थित तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद दोनों देशों के बीच ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने का विवाद गहरा गया है। इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के संबंधों में भी तनाव दिखाई दे रहा है। यूक्रेन को अमेरिकी खुफिया जानकारी और संचार सुविधाओं से मिलने वाले सहयोग पर उठे सवालों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

रियाजान की रिफाइनरी पर ड्रोन हमला

रूस के रियाजान क्षेत्र में स्थित एक तेल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद आग लगने की खबर सामने आई। यह क्षेत्र मॉस्को से करीब 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है। रूसी रक्षा मंत्रालय और क्षेत्रीय गवर्नर पावेल माल्कोव ने हमले की जानकारी दी।

यह घटना ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की अपील के बाद हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों से ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाने का आग्रह किया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का आरोप है कि रूस ने इस अपील का पालन नहीं किया और यूक्रेनी ऊर्जा सुविधाओं पर हमले जारी रखे। दूसरी ओर, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दावा किया कि यूक्रेन ने रूसी रिफाइनरियों पर हमले रोकने का पालन नहीं किया था।

जेलेंस्की ने जताई नाराजगी

यूक्रेन का कहना है कि उसने अमेरिकी अपील के अनुरूप ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद उसे रूस के हमलों का सामना करना पड़ा। यूक्रेनी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के दिनों में पश्चिमी देशों से रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से संबंधित खुफिया जानकारी मिलना बंद हो गया और अमेरिकी स्टारलिंक संचार टर्मिनलों के इस्तेमाल पर भी पाबंदियां लगाई गईं।

यूक्रेन के लिए खुफिया सूचनाएं और संचार सुविधाएं सैन्य अभियानों के लिहाज से अहम मानी जाती हैं। इन घटनाओं को लेकर जेलेंस्की ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संकेत दिया कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता के बीच चुप नहीं बैठेगा। इसके बाद रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले फिर शुरू होने का मुद्दा चर्चा में आ गया।

यूक्रेन में भी रूसी हमलों से नुकसान

रूस और यूक्रेन, दोनों देशों में हमलों के कारण जान-माल का नुकसान जारी है। यूक्रेन के किरोवोग्राद क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हुए। बताया गया कि हमला दस घंटे से अधिक समय तक चला।

लगातार हो रहे हमलों के कारण ऊर्जा ढांचे, नागरिक सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बावजूद दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौतों का उल्लंघन करने के आरोप लगा रहे हैं।

यूरोपीय नेताओं से जेलेंस्की की मुलाकात

अमेरिका के रुख को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच जेलेंस्की गुरुवार को ब्रसेल्स पहुंचे। वहां उन्होंने यूरोपीय संघ के नेताओं के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नाटो प्रमुख मार्क रूट, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पोलैंड, डेनमार्क तथा बेल्जियम के प्रधानमंत्रियों के साथ बैठकें कीं।

इन चर्चाओं में यूक्रेन की सुरक्षा और मौजूदा युद्ध की स्थिति प्रमुख मुद्दे रहे। यूक्रेन यूरोपीय सहयोगियों के साथ संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमेरिका की सहायता और उसकी शर्तों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

सीमा सुरक्षा और कूटनीति पर टिकी निगाहें

डोनल्ड ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद से रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दिया गया है। हालांकि, जमीन पर जारी लड़ाई और दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी आरोपों के कारण समाधान की राह कठिन बनी हुई है।

रिफाइनरी पर हमला और अमेरिकी सहयोग को लेकर उठे सवालों ने वाशिंगटन तथा कीव के संबंधों पर नए प्रश्न खड़े किए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका की नीति में आगे क्या बदलाव होंगे। युद्ध के अगले चरण में ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा, सैन्य सहायता और यूरोपीय देशों की भूमिका अहम बनी रह सकती है।

 

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