देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह घोषणा कार्यक्रम में एक छात्रा की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जरूरी डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में की गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विद्यार्थियों ने शिक्षा, तकनीक और राज्य के विकास सहित कई विषयों पर अपने सवाल रखे। विद्यार्थियों ने अपनी अपेक्षाएं और सुझाव भी मुख्यमंत्री के सामने साझा किए। संवाद का उद्देश्य विद्यार्थियों की जरूरतों और उनके विचारों को समझना बताया गया।
संवाद के दौरान हरिद्वार की कक्षा 11 की छात्रा लवप्रीत कौर ने ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पढ़ाई के लिए ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल बढ़ रहा है। हालांकि, कई परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपने बच्चों के लिए स्मार्टफोन, लैपटॉप या अन्य डिजिटल उपकरण खरीद सकें। छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के ऐसे विद्यार्थियों के लिए सरकार की ओर से क्या व्यवस्था की जाएगी।
छात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही घोषणा करते हुए कहा कि राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में सीधे धनराशि भेजी जाएगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए तकनीक का उपयोग जरूरी है। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए विद्यार्थियों तक आवश्यक संसाधन पहुंचाने पर सरकार ध्यान दे रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों, अपेक्षाओं और सुझावों को समझने का अवसर मिलता है। इससे शिक्षा और राज्य के विकास से संबंधित योजनाओं को विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उनके प्रश्नों को सुना और संबंधित विषयों पर जवाब दिए। इसी क्रम में डिजिटल शिक्षा से जुड़ा सवाल सामने आने पर टैब के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।