ऊना। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना में आयोजित चिट्टा विरोधी जागरूकता वॉकथॉन का नेतृत्व करते हुए प्रदेशवासियों, खासकर युवाओं से नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। इंदिरा स्टेडियम से शुरू हुई वॉकथॉन नए बस अड्डे तक पहुंची और वापस स्टेडियम में समाप्त हुई। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और आम लोगों ने उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को चिट्टा विरोधी शपथ दिलाई। उन्होंने लोगों से नशे के खतरे के प्रति सजग रहने और समाज को इससे बचाने के प्रयासों में योगदान देने की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नशे की समस्या से निपटने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है, लेकिन केवल सरकारी तंत्र और पुलिस की कार्रवाई से इस चुनौती का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार, शिक्षक, मित्र और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा बेचकर युवाओं का भविष्य खराब करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नशे की लत में फंस चुके युवाओं के प्रति सरकार का दृष्टिकोण सहयोग और संवेदनशीलता का रहेगा। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों और नशे की समस्या से जूझ रहे युवाओं को एक समान नजर से नहीं देखा जा सकता। तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूरी है, जबकि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को उपचार, सहयोग और सामान्य जीवन में लौटने का अवसर मिलना चाहिए।
सुक्खू ने युवाओं से अपने मित्रों पर नजर रखने और व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखाई देने पर समय रहते मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोस्त अक्सर किसी व्यक्ति में आने वाले बदलाव को सबसे पहले पहचान सकते हैं। उनकी सतर्कता किसी परिवार को गंभीर संकट से बचाने में मदद कर सकती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है और सरकार कानून बना सकती है, लेकिन किसी बच्चे को पहली बार नशे की ओर जाने से रोकने में परिवार, मित्र, शिक्षक और समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी सोच के आधार पर नशे के खिलाफ अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से चिट्टा या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी सामने आने पर टोल-फ्री आपातकालीन नंबर 112 के माध्यम से प्रशासन को सूचित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि नशा तस्करी के खिलाफ उपयोगी और विश्वसनीय सूचना देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने पुरस्कार का भी प्रावधान किया है।
सुक्खू ने कहा कि करीब नौ महीने पहले शुरू हुए चिट्टा विरोधी अभियान के तहत शिमला, धर्मशाला, हमीरपुर और बिलासपुर में भी लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया था। उन्होंने ऊना में भी इसी एकजुटता को आगे बढ़ते हुए देखकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों, परिवारों और हिमाचल के भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना करते हुए बताया कि 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद विद्यार्थी दूर-दराज के क्षेत्रों से कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने वाले उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायकों और अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने ऊना जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 17 सितंबर को अवकाश घोषित करने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 3.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ऊना के तीन मंजिला खंड विकास कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। साथ ही संतोषगढ़ मार्ग पर 9.55 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले रामपुर पुल की आधारशिला भी रखी।
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