भरमौर (चंबा)। हिमाचल प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज का असर श्री मणिमहेश यात्रा पर भी पड़ा है। यात्रा के अंतिम पड़ाव में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ ताजा बर्फबारी हुई है। डल झील यानी शिव कुंड के आसपास करीब तीन इंच बर्फ जम गई है, जबकि गौरीकुंड तक भी बर्फबारी हुई है। इसके चलते यात्रा मार्ग पर फिसलन बढ़ने और तापमान में गिरावट आने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है।
मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हड़सर से धनछो और धनछो से आगे ऊपरी पड़ावों की ओर श्रद्धालुओं की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी है। इसके अलावा यात्रा व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए मैहला के पास भी यात्रियों को रोका गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार फिलहाल श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरने के निर्देश दिए गए हैं।
पथरीले ट्रैक पर बढ़ा खतरा
मणिमहेश यात्रा प्रबंधन समिति भरमौर के अध्यक्ष की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक करीब तीन इंच तक बर्फ गिरने से तापमान में काफी कमी आई है। इसके कारण करीब 13 किलोमीटर लंबे पथरीले यात्रा मार्ग पर चलना अधिक जोखिमपूर्ण हो गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
यात्रा मार्ग पर तैनात सेक्टर अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, होमगार्ड जवानों और स्वयंसेवकों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन टीमों को यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखने और उन्हें निर्धारित सुरक्षित पड़ावों पर रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।
राधाष्टमी स्नान से पहले रोकी गई यात्रा
मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी का मुख्य शाही स्नान 19 सितंबर को होना है। इससे पहले 17 और 18 सितंबर को शिव चेलों की पारंपरिक यात्रा तथा डल झील से जुड़ी धार्मिक रस्में निर्धारित हैं। इन आयोजनों के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु मणिमहेश डल की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि मौसम बिगड़ने के बाद उन्हें फिलहाल रास्ते में ही सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है।
एडीएम एवं श्री मणिमहेश यात्रा प्रबंधन समिति, भरमौर के अध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि लगातार बारिश और क्षेत्र में हुई ताजा बर्फबारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया है। प्रशासनिक टीमें मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
प्रशासन के मुताबिक श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति तभी दी जाएगी, जब मौसम में सुधार हो और ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित पाया जाए। फिलहाल यात्रा मार्ग की स्थिति को देखते हुए यात्रियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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