चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार और भाजपा को लेकर तीन प्रमुख मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं का भविष्य, राज्य के संवैधानिक अधिकार और नदी जल संसाधनों से जुड़े हित ऐसे विषय हैं, जिन पर पंजाब सरकार अपने रुख से पीछे नहीं हटेगी। पत्रकारों से बातचीत में चीमा ने नशा तस्करी, कृषि नीतियों और पानी के बंटवारे को लेकर सवाल उठाए।
चीमा ने नशे की समस्या का उल्लेख करते हुए केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि जब सीमाओं और बंदरगाहों की निगरानी तथा सुरक्षा में केंद्रीय एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, तो गुजरात के मुंद्रा पोर्ट जैसे रास्तों से देश में पहुंचने वाला नशा पंजाब के युवाओं तक किस तरह पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या गुजरात के रास्ते पंजाब तक नशे की आपूर्ति रोकने में केंद्र की व्यवस्था प्रभावी साबित हो रही है।
वित्त मंत्री ने दूसरा मुद्दा शिरोमणि अकाली दल बादल और भाजपा के बीच कथित राजनीतिक तालमेल से जुड़ा उठाया। चीमा ने आरोप लगाया कि दोनों दल मिलकर पंजाब में ऐसी कृषि नीतियां और कानून वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब के हितों के विपरीत मानती है। उन्होंने सवाल किया कि पुराने राजनीतिक सहयोगी के साथ मिलकर ऐसे फैसलों को दोबारा लाने की कोशिश क्यों की जा रही है, जिनका राज्य के कृषि और आर्थिक ढांचे पर असर पड़ सकता है।
तीसरा सवाल पंजाब के नदी जल संसाधनों से संबंधित रहा। चीमा ने कहा कि पंजाब के पास दूसरे राज्यों को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि पंजाब के हिस्से के पानी को हरियाणा और राजस्थान को देने पर जोर क्यों दिया जा रहा है। उनके मुताबिक नदी जल के मुद्दे पर पंजाब के हितों और अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार राज्य के स्वाभिमान और जनहित से जुड़े विषयों पर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को नशे से दूर करने, किसानों के हितों की रक्षा करने और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए कानूनी तथा राजनीतिक स्तर पर प्रयास कर रही है।
वित्त मंत्री ने इन तीनों मुद्दों को पंजाब से जुड़े व्यापक हितों से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य, कृषि और पानी ऐसे विषय हैं, जिन पर राज्य सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इन मामलों में अपने रुख पर कायम है और राज्य के हितों की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध मंचों पर अपनी बात रखती रहेगी।
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