Uttarakhand: टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए धामी सरकार ने कसी कमर स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल और टिहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोर उपाध्याय ने शिरकत की। इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा टिहरी जनपद में एक आधुनिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करना और क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।


टिहरी की भौगोलिक संवेदनशीलता और मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता
भेंट के दौरान टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टिहरी न केवल एक महत्वपूर्ण जिला है, बल्कि भौगोलिक दृष्टि से भी यह काफी संवेदनशील क्षेत्र है। यहाँ एक उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा संस्थान के खुलने से न केवल स्थानीय जनता को उनके घर के पास ही विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा, बल्कि यह पूरे गढ़वाल मंडल के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक मजबूत स्तंभ साबित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी एक नया और आधुनिक मंच प्राप्त होगा।


दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण करना उनका प्रमुख लक्ष्य है। सरकार का संकल्प है कि राज्य के सबसे दूरस्थ, पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों तक विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक मशीनें प्रभावी रूप से पहुँचें। इसके लिए केवल भवनों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हो और वहां पर्याप्त संख्या में अनुभवी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।


प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में स्वास्थ्य क्रांति
पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व परिवर्तन आए हैं। आयुष्मान भारत योजना ने प्रदेश के लाखों परिवारों को सुरक्षा कवच प्रदान किया है, जबकि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और टेलीमेडिसिन सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार की सुलभता बढ़ी है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या में निरंतर हो रही वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि राज्य अब चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। सरकार इन प्रयासों को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।


मंत्री और विधायक ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखा प्रस्ताव
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री को टिहरी जनपद की वर्तमान स्वास्थ्य आवश्यकताओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए तैयार किए गए विभिन्न प्रस्तावों की जानकारी दी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की स्थापना की संभावनाओं और उसके संभावित स्थान को लेकर भी चर्चा की। वहीं, विधायक किशोर उपाध्याय ने टिहरी की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग और उनकी आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज क्षेत्र की दीर्घकालिक विकास की आवश्यकताओं के लिए अनिवार्य है।


सकारात्मक कार्रवाई और भविष्य का रोडमैप
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों और प्रस्तावों पर बेहद सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इन सभी बिंदुओं का गंभीरता से परीक्षण करेगी और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक जनोन्मुख और आधुनिक बनाने के लिए विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का निर्णय इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे भविष्य में पूरे प्रदेश के नागरिकों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

 

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