नई दिल्ली। श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की घोषणा मंगलवार को कर दी गई है। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने टीम में कुछ नए चेहरों और युवाओं पर भरोसा जताया है, लेकिन इस सूची में कई ऐसे खिलाड़ियों के नाम गायब हैं जिन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा साबित की है। चयनकर्ताओं द्वारा की गई इस अनदेखी ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि कई हकदार खिलाड़ी एक बार फिर मायूसी का शिकार हुए हैं।
गेंदबाजी और बल्लेबाजी के स्तंभों की अनदेखी
अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर टीम से बाहर रखा गया है, जबकि उन्होंने अपनी फिटनेस और फॉर्म के पर्याप्त सबूत पेश किए हैं। जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर चल रहे संशय के बीच शमी का अनुभव टीम के लिए बेहद कीमती हो सकता था, लेकिन सेलेक्टर्स ने उन्हें नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा। वहीं, घरेलू क्रिकेट के स्टार गेंदबाज आकिब नबी को भी निराशा हाथ लगी है। जम्मू-कश्मीर के लिए रणजी ट्रॉफी में रिकॉर्ड 60 विकेट लेने वाले आकिब को उनकी शानदार फॉर्म के बावजूद टीम में जगह नहीं दी गई।
मध्यक्रम के संकटमोचनों को नहीं मिली जगह
भारतीय टेस्ट टीम का मध्यक्रम पिछले कुछ समय से अस्थिर नजर आ रहा है। ऐसे में सरफराज अहमद और रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ियों की अनदेखी समझ से परे है। सरफराज ने घरेलू सर्किट में रनों का अंबार लगाया है और वे स्पिन को खेलने में भी माहिर हैं, लेकिन चयनकर्ताओं की नजर उन पर नहीं गई। इसी तरह, रजत पाटीदार जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था, उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। टीम प्रबंधन फिलहाल इन विशेषज्ञ बल्लेबाजों के स्थान पर अन्य विकल्पों को आजमाने पर जोर दे रहा है।
नंबर-3 की पहेली और ऋतुराज गायकवाड़ का सवाल
चेतेश्वर पुजारा के टीम से बाहर होने के बाद भारतीय बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर की भूमिका एक बड़ी पहेली बनी हुई है। शुभमन गिल के चौथे नंबर पर शिफ्ट होने के बाद से भारत को एक भरोसेमंद नंबर-3 बल्लेबाज की तलाश है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऋतुराज गायकवाड़ इस स्थान के लिए सबसे सटीक विकल्प हो सकते थे। गायकवाड़ न केवल लंबी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं, बल्कि उनके पास तकनीकी रूप से मजबूत खेल भी है। हालांकि, सेलेक्टर्स उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे उनकी भविष्य की योजनाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
युवाओं पर दांव और चयन प्रक्रिया पर चर्चा
अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली समिति ने श्रीलंका दौरे के लिए कुछ युवाओं को टीम में शामिल किया है, जो भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में एक कदम हो सकता है। हालांकि, साई सुदर्शन की फिटनेस पर अब भी संशय बरकरार है। श्रीलंका की स्पिन मददगार पिचों पर भारत को मजबूत और तकनीक से लैस बल्लेबाजों की जरूरत होगी, ऐसे में अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। फिलहाल, टीम की घोषणा के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ये नया बल्लेबाजी क्रम श्रीलंका की धरती पर कैसा प्रदर्शन करता है।