मुख्यमंत्री धामी के चार वर्षों में चंपावत के विकास को मिली नई ऊंचाइयां
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर चंपावत जिले में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। इन वर्षों में जिले के लिए घोषणाओं की लंबी सूची धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है। वर्तमान में चंपावत में 188 से अधिक छोटे-बड़े विकास कार्य गतिमान हैं, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं। जिले के विकास को गति देने के लिए प्रदेश का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, गोल्ज्यू कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, ड्राई पोर्ट, आधुनिक आईएसबीटी और साइंस सेंटर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।
यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए टनकपुर में लगभग 237 करोड़ 74 लाख की लागत से आधुनिक अंतरराज्यीय बस स्टेशन (आईएसबीटी) का निर्माण किया जा रहा है, जिसका 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही, जिले के युवाओं और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए 256 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। खिलाड़ियों के लिए सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
शिक्षा और कौशल विकास के प्रमुख कार्य
जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कई हॉस्टल, लाइब्रेरी और स्कूल भवनों का निर्माण किया जा रहा है:
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आईटीआई और कॉलेज: खेतीखान आईटीआई में लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब का निर्माण जारी है। लोहाघाट डिग्री कॉलेज में महिला छात्रावास और पाटी डिग्री कॉलेज के भवन का निर्माण पूरा हो चुका है।
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विश्वविद्यालय और हॉस्टल: चंपावत में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर में लाइब्रेरी और स्टेडियम के लिए 20 करोड़ 46 लाख स्वीकृत किए गए हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास का निर्माण भी जारी है।
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स्कूलों का कायाकल्प: जिले के 100 सरकारी विद्यालयों का रूपांतरण 4 करोड़ 90 लाख की लागत से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, टनकपुर और चंपावत के इंटर कॉलेजों में लाइब्रेरी और हॉस्टल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
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तकनीकी शिक्षा: एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में महिला छात्रावास का 82 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। चंपावत और टनकपुर में पॉलिटेक्निक भवनों का निर्माण भी संपन्न हो चुका है।
स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाएं
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत टनकपुर में 19 करोड़ 81 लाख की लागत से 50 बिस्तरों वाला आयुष अस्पताल बनाया जा रहा है। इसके अलावा, जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन की सुविधा शुरू की गई है और करीब 20 करोड़ की लागत से सीसीयू और 3.5 करोड़ की लागत से पीआईसीयू का निर्माण किया गया है। पेयजल संकट को दूर करने के लिए लोहाघाट टाउन पंपिंग योजना (सरयू लिफ्ट) के लिए 84 करोड़ 45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पूर्णागिरि क्षेत्र में लादीगाड पंपिंग योजना का काम भी जोरों पर है।
पर्यटन और आस्था के केंद्र
मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत पाताल रुद्रेश्वर और खेतीखान के सूर्य मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। कुमाऊं के 17 प्रमुख मंदिरों को मानसखंड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के लिए 14 करोड़ 87 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एबट माउंट में हेलीपोर्ट का निर्माण किया गया है और लोहाघाट के पंचेश्वर में एंगलिंग सेंटर बनाया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए लोहाघाट, रीठा साहिब और देवीधुरा में मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है।
जिले के कुछ अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स
| प्रोजेक्ट का नाम | स्वीकृत धनराशि | वर्तमान स्थिति |
| शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण) | 107.35 करोड़ | कार्य स्वीकृत |
| इंटीग्रेटेड क्लाउड मैनेजमेंट सेंटर, टनकपुर | 106.60 करोड़ | कार्य स्वीकृत |
| इकोलॉजिकल कॉरिडोर विकास | 85.23 करोड़ | कार्य स्वीकृत |
| सिटी ड्रेनेज प्लान, चंपावत | 66.49 करोड़ | कार्य स्वीकृत |
| साइंस सेंटर, चंपावत | 55.53 करोड़ | कार्य गतिमान |
| नवीन राज्य अतिथि गृह, टनकपुर | 61.79 करोड़ | कार्य गतिमान |
| जिला कारागार भवन | 55.68 करोड़ | कार्य गतिमान |
| किरोड़ा नाला पुल निर्माण | 48.37 करोड़ | कार्य गतिमान |
बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से शारदा नदी के तटबंधों के निर्माण के लिए 32 करोड़ 92 लाख की धनराशि खर्च की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इन सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा कर चंपावत को एक मॉडल जिले के रूप में स्थापित किया जाए। पुष्कर सिंह धामी सरकार के इन प्रयासों से जिले की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।