Uttarakhand: यूजेवीएन बोर्ड की बैठक: 2026-27 के बजट को मंजूरी और लखवाड़ परियोजना की सुरक्षा को CISF का कवच

देहरादून। उत्तराखंड की प्रमुख ऊर्जा उत्पादक इकाई ‘यूजेवीएन लिमिटेड’ के निदेशक मंडल की महत्वपूर्ण बैठक मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष आनंदवर्धन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। उल्लेखनीय है कि अजय कुमार सिंह ने प्रबंध निदेशक के रूप में स्थाई पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार इस बोर्ड बैठक में हिस्सा लिया, जहां सभी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी।

बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट रहा, जिसे निदेशक मंडल ने सर्वसम्मति से अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। इसके अतिरिक्त, बोर्ड ने कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उपनल (UPNL) के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के लिए “समान कार्य के लिए समान वेतन” के प्रस्ताव को भी उत्तराखंड सरकार के शासनादेश के अनुरूप स्वीकृति दे दी है।

प्रमुख जलविद्युत एवं पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं को रफ्तार
राज्य में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बोर्ड ने ऊर्जा अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया है। इसके तहत निम्नलिखित परियोजनाओं की समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए:

  • आराकोट-त्यूणी जलविद्युत परियोजना: 81 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना के प्रथम चरण की सभी जरूरी स्वीकृतियां जल्द प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • इच्छाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना: 600 मेगावाट क्षमता की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा गया है।

  • लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना: 300 मेगावाट की इस विशाल परियोजना के ‘शीयर ज़ोन’ उपचार के अतिरिक्त कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।

  • सौंग पंप्ड स्टोरेज परियोजना: सिंचाई विभाग से यूजेवीएन को हस्तांतरित हुई इस परियोजना की सभी औपचारिक स्वीकृतियां संबंधित विभागों से शीघ्र लेने का लक्ष्य रखा गया है।

लखवाड़ परियोजना की सुरक्षा के लिए CISF की तैनाती
सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मानी जाने वाली लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब इस परियोजना की सुरक्षा की जिम्मेदारी केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपी जाएगी। निदेशक मंडल ने परियोजना परिसर में CISF की तैनाती के प्रस्ताव को अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव आनंदवर्धन के साथ प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षीसुंदरम, स्वतंत्र निदेशक इंदू कुमार पाण्डे, बी.पी. पांडे और पराग गुप्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर सचिव वित्त गंगा प्रसाद, प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं) सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, राजीव अग्रवाल, आशीष जैन, जी.एस. बुदियाल तथा यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए।

इन फैसलों से स्पष्ट है कि यूजेवीएन लिमिटेड आगामी वर्षों में न केवल अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है, बल्कि परियोजनाओं की सुरक्षा और कर्मचारियों के हितों के प्रति भी संवेदनशील है। बजट और नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी से राज्य में ऊर्जा क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।

 

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