शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता लाने के उद्देश्य से डिजिटल प्रौद्योगिकी और प्रशासन विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य केंद्र ‘मुख्यमंत्री डैशबोर्ड’ रहा, जो एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसे राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की बारीकी से निगरानी करने के लिए विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की प्रगति का जायजा लेते हुए इसे प्रशासन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
बागवानी विभाग से होगी शुरुआत
बैठक के दौरान सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विशेष रूप से बागवानी विभाग के उन कार्यक्रमों की समीक्षा की, जिन्हें इस डिजिटल डैशबोर्ड के साथ एकीकृत करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने निर्देश दिए कि बागवानी विभाग के बाद अन्य सभी सरकारी विभाग भी अपने प्रमुख और फ्लैगशिप कार्यक्रमों की पहचान करें। इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से डैशबोर्ड पर लाया जाएगा, जिससे उनकी प्रगति की ‘रियल टाइम मॉनिटरिंग’ (Real time monitoring) सुनिश्चित हो सकेगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान वर्तमान राज्य सरकार ने आम जनता के हित में कई नई पहल और जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन कार्यक्रमों का लाभ समाज के हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन और उनकी जमीनी प्रगति पर नजर रखने के लिए एक प्रभावी उपकरण के रूप में काम करेगा। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी धन और संसाधनों का सही उपयोग हो रहा है और विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जा रहे हैं।
तकनीक से सुधरेगी कार्यप्रणाली
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। तकनीक के समावेश से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सेवाओं की डिलीवरी में भी तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि आम लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें। बेहतर सेवा वितरण से अंततः प्रदेश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और प्रशासनिक ढांचा अधिक मजबूत बनेगा।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की मुख्य विशेषताएं
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रियल टाइम मॉनिटरिंग: परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की तुरंत और सटीक जानकारी मिल सकेगी।
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एकीकृत प्लेटफॉर्म: विभिन्न विभागों की योजनाओं का डेटा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा।
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जवाबदेही: योजनाओं के कार्यान्वयन में देरी होने पर डैशबोर्ड के माध्यम से त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
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पारदर्शिता: सरकारी कामकाज में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और डिजिटल रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
इस उच्च स्तरीय बैठक में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, सचिव सी. पॉलरासू, सचिव आशीष सिंहमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डैशबोर्ड को अधिक सुगम बनाया जाए ताकि निगरानी की प्रक्रिया सहज रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस डिजिटल पहल से हिमाचल प्रदेश सुशासन के क्षेत्र में देश भर में एक नया उदाहरण पेश करेगा।
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