Uttarakhand: कार्बेट नेशनल पार्क में सफारी के लिए अब ढीली करनी होगी जेब गाइड शुल्क में हुई बढ़ोतरी – The Hill News

Uttarakhand: कार्बेट नेशनल पार्क में सफारी के लिए अब ढीली करनी होगी जेब गाइड शुल्क में हुई बढ़ोतरी

रामनगर। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध जिम कार्बेट नेशनल पार्क की सैर करने आने वाले पर्यटकों के लिए अब जंगल सफारी करना थोड़ा महंगा हो जाएगा। पार्क प्रशासन ने सफारी के दौरान पर्यटकों के साथ जाने वाले नेचर गाइडों के शुल्क में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कार्बेट नेशनल पार्क के निदेशक की ओर से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। यह फैसला लंबे समय से गाइडों द्वारा की जा रही मांग और बढ़ती महंगाई को देखते हुए लिया गया है।

नया आदेश लागू होने के बाद, अब जिप्सी के जरिए जंगल सफारी पर जाने वाले पर्यटकों को गाइड के लिए 900 रुपये के स्थान पर 1000 रुपये का भुगतान करना होगा। इसी तरह, ढिकाला जोन में कैंटर सफारी का लुत्फ उठाने वाले पर्यटकों को अब गाइड शुल्क के तौर पर 1150 रुपये के बजाय 1250 रुपये देने होंगे। दोनों ही श्रेणियों में शुल्क में 100 रुपये की सीधी बढ़ोतरी की गई है। पर्यटकों को सफारी खत्म होने के बाद सीधे गाइड को इस निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होता है।

कार्बेट टाइगर रिजर्व के नियमों के अनुसार, पार्क के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों जैसे ढिकाला, बिजरानी, झिरना, ढेला और गिरिजा जोन में वन्यजीवों को देखने के लिए जाने वाले हर पर्यटक दल के साथ एक स्थानीय नेचर गाइड का होना अनिवार्य है। बिना गाइड के किसी भी पर्यटक वाहन को पार्क के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है। ये गाइड न केवल पर्यटकों को जंगल के रास्तों की जानकारी देते हैं, बल्कि उन्हें वन्यजीवों के व्यवहार, वनस्पतियों, पारिस्थितिकी तंत्र और पार्क के कड़े सुरक्षा नियमों के बारे में भी विस्तार से बताते हैं। वर्तमान में कार्बेट पार्क में कुल 161 नेचर गाइड पंजीकृत हैं, जो रोटेशन प्रणाली के आधार पर बारी-बारी से पर्यटकों के साथ सफारी पर भेजे जाते हैं।

काफी समय से ये नेचर गाइड बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए अपने शुल्क में बढ़ोतरी की मांग कार्बेट प्रशासन से कर रहे थे। गाइडों का तर्क था कि दैनिक जीवन की वस्तुओं के दाम काफी बढ़ गए हैं, जबकि उनके शुल्क में लंबे समय से कोई बदलाव नहीं हुआ था। उनकी सेवाओं और समस्याओं पर विचार करने के बाद पार्क प्रशासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। पार्क वार्डन बिंदर पाल ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए बताया कि गाइड शुल्क की संशोधित दरें मंगलवार से ही लागू कर दी गई हैं। अब पर्यटकों को नई दरों के हिसाब से ही भुगतान करना होगा।

कार्बेट नेशनल पार्क अपनी अद्वितीय जैव विविधता और बाघों की घनी आबादी के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है। यहां हर साल लाखों की संख्या में देशी और विदेशी सैलानी रोमांचक सफारी का अनुभव लेने पहुंचते हैं। सफारी के दौरान नेचर गाइड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि वे पर्यटकों और वन्यजीवों के बीच एक सुरक्षित सेतु का कार्य करते हैं। वे यह भी सुनिश्चित करते हैं कि पर्यटक जंगल के भीतर कोई ऐसी गतिविधि न करें जिससे वन्यजीवों को परेशानी हो या पर्यावरण को नुकसान पहुंचे। हालांकि, पर्यटकों के लिए यह मामूली अतिरिक्त आर्थिक बोझ है, लेकिन स्थानीय गाइडों के लिए यह निर्णय एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि इससे उनकी आय में सुधार होगा। इस बढ़ोतरी के बाद अब रोटेशन प्रणाली के तहत ड्यूटी पर आने वाले सभी गाइडों को संशोधित शुल्क मिलना शुरू हो गया है।

 

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