नई दिल्ली। सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी के इस फैसले का सीधा असर लगभग 8,000 कर्मचारियों पर पड़ने वाला है। छंटनी की इस नई लहर की शुरुआत मेटा के सिंगापुर स्थित हब से हुई, जहां से कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के शुरुआती संदेश मिलने शुरू हुए। इसके बाद यह सिलसिला अमेरिका और ब्रिटेन सहित दुनिया के अन्य हिस्सों में भी फैल गया।
छंटनी की इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सुनियोजित और शांत तरीके से अंजाम देने के लिए कंपनी ने एक खास रणनीति अपनाई। अमेरिका और ब्रिटेन के कर्मचारियों को अचानक निर्देश दिया गया कि वे दफ्तर आने के बजाय घर से ही काम (वर्क फ्रॉम होम) करें। जैसे ही कर्मचारी अपने घरों से काम करने के लिए लॉग-इन हुए, उन्हें नौकरी से निकाले जाने के आधिकारिक ईमेल मिलने शुरू हो गए। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर में प्रभावित कर्मचारियों को स्थानीय समय के अनुसार सुबह 4 बजे ही ईमेल भेज दिए गए थे। कंपनी ने अलग-अलग टाइम जोन के हिसाब से चरणबद्ध तरीके से ये सूचनाएं भेजी हैं। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा आम है कि घर से काम करने का आदेश इसलिए दिया गया था ताकि दफ्तरों में किसी भी प्रकार का जमावड़ा, हंगामा या अशांति पैदा न हो सके।
मेटा के भीतर इस बड़ी उथल-पुथल के पीछे कंपनी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर बढ़ता फोकस मुख्य कारण बताया जा रहा है। कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने एक आंतरिक मेमो में स्पष्ट किया कि मेटा अब एक ‘सपाट संरचना’ (फ्लैट स्ट्रक्चर) की ओर बढ़ रही है। इसका उद्देश्य प्रबंधन के स्तरों को कम करना है ताकि छोटे समूह अधिक स्वामित्व और तेजी के साथ काम कर सकें। इस बदलाव के तहत मैनेजर स्तर के पदों में भारी कटौती की जा रही है।
इस प्रक्रिया से पहले मेटा में कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 78,000 थी। अब हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जबकि लगभग 7,000 कर्मचारियों को नई एआई-नेटिव टीमों में फिर से नियुक्त करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने लगभग 6,000 ऐसे पदों को पूरी तरह खत्म कर दिया है जो वर्तमान में खाली पड़े थे। जेनेल गेल का मानना है कि छोटे समूहों के साथ संगठन अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर पाएगा।
मार्क जकरबर्ग ने पहले ही साफ कर दिया है कि एआई अब कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेटा ने इस वर्ष एआई तकनीक और बुनियादी ढांचे पर 125 से 145 बिलियन डॉलर खर्च करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस भारी निवेश की भरपाई और संसाधनों को एआई की ओर मोड़ने के लिए ही इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों में सबसे ज्यादा कटौतियां की जा रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस वर्ष के अंत तक कुछ और पदों पर भी कैंची चल सकती है।
इस छंटनी ने कर्मचारियों के बीच असुरक्षा और असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है। कई कर्मियों का मानना है कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ के आदेश के पीछे कंपनी का एकमात्र उद्देश्य छंटनी को बिना किसी विरोध के चुपचाप निपटाना था। फिलहाल मेटा का पूरा ध्यान अपने खर्चों को नियंत्रित करने और एआई के क्षेत्र में खुद को अग्रणी बनाए रखने पर केंद्रित है, भले ही इसके लिए उसे अपने हजारों पुराने और अनुभवी कर्मचारियों को बाहर करना पड़े। इस बदलाव के साथ मेटा अब एक नई कॉर्पोरेट संस्कृति की ओर बढ़ रही है जहां गति और तकनीक को मानव संसाधनों से अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
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