नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच एक बार फिर मुलाकात होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। वैश्विक राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि ये दोनों दिग्गज नेता फ्रांस में आयोजित होने वाले आगामी जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान आमने-सामने आ सकते हैं। इस संभावित मुलाकात को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह दोनों नेताओं के बीच लंबे समय बाद होने वाली पहली सीधी बातचीत हो सकती है।
जी7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस बार फ्रांस कर रहा है। यह उच्च-स्तरीय बैठक 15 से 17 जून तक फ्रेंच आल्प्स में स्थित एवियन-लेस-बैंस में आयोजित की जाएगी। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी पहले ही सुनिश्चित हो चुकी है। दरअसल, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी भारत यात्रा के दौरान मोदी को इस विशेष आयोजन के लिए आमंत्रित किया था। भारत स्थित फ्रांसीसी दूतावास ने मार्च की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री के फ्रांस दौरे की आधिकारिक पुष्टि कर दी थी।
नरेंद्र मोदी और डोनल्ड ट्रंप के बीच इससे पहले आखिरी मुलाकात 13 फरवरी, 2025 को अमेरिका के व्हाइट हाउस में हुई थी। अब लगभग सवा साल के अंतराल के बाद दोनों नेताओं के फिर से एक साथ मंच साझा करने की उम्मीद जगी है। ताजा खबरों के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस पहुंच सकते हैं। एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि इस साल का जी7 शिखर सम्मेलन ट्रंप के 80वें जन्मदिन के ठीक एक दिन बाद शुरू होने जा रहा है।
व्हाइट हाउस के सूत्रों और वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी मिली है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इस सम्मेलन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते अपराधों से निपटने के साझा प्रयासों जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा करने के इच्छुक हैं। हालांकि, कूटनीतिक सूत्रों और व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने यह संकेत भी दिया है कि इस बैठक के दौरान किसी बड़े औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना कम है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करना और प्रमुख देशों के बीच आपसी समझ को बढ़ाना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस दौरा पूरी तरह तय है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 17-19 फरवरी, 2026 को भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान व्यक्तिगत रूप से मोदी को जी7 सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया था। भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती सामरिक नजदीकियों के बीच प्रधानमंत्री का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। यदि डोनल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच वहां अलग से कोई द्विपक्षीय बातचीत होती है, तो यह वैश्विक राजनीति के समीकरणों को नई दिशा दे सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें जून के महीने में होने वाली इस संभावित मुलाकात पर टिकी हुई हैं, जो दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के संबंधों को और मजबूती प्रदान कर सकती है।