US: वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने के पक्ष में ट्रंप, पोस्ट किया विवादास्पद नक्शा – The Hill News

US: वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने के पक्ष में ट्रंप, पोस्ट किया विवादास्पद नक्शा

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला का एक नक्शा पोस्ट किया है, जो काफी विवादास्पद माना जा रहा है। इस ग्राफिक में वेनेजुएला के नक्शे के भीतर अमेरिकी झंडा दिखाया गया है और उस पर “51वां राज्य” लिखा हुआ है। ट्रंप की यह पोस्ट उस समय सामने आई है, जब वे एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के लिए चीन की यात्रा पर रवाना हो रहे थे।

ट्रंप का यह कदम वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के उस बयान के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने अपने देश के अमेरिकी राज्य बनने की किसी भी संभावना को सिरे से खारिज कर दिया था। रोड्रिगेज ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि उनके देश ने कभी भी अमेरिका का 51वां राज्य बनने के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इसी साल जनवरी में जब अमेरिकी सेना ने वहां के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ा था, तब भी वेनेजुएला के मन में ऐसा कोई विचार नहीं आया था। रोड्रिगेज के इस कड़े रुख के तुरंत बाद ट्रंप का यह नक्शा पोस्ट करना एक बड़े कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

इससे पहले सोमवार को एक इंटरव्यू के दौरान भी डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को अमेरिका का नया राज्य बनाने की अपनी मंशा जाहिर की थी। उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा था कि वे इस दक्षिण अमेरिकी देश को अमेरिका का हिस्सा बनाने पर विचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि ट्रंप पिछले कई महीनों से लगातार यह दावा करते रहे हैं कि तेल संसाधनों से समृद्ध इस देश पर अब उनका पूर्ण नियंत्रण है। अब सोशल मीडिया पर नक्शा साझा कर उन्होंने इस दिशा में अपनी विस्तारवादी सोच को और अधिक स्पष्ट कर दिया है।

वेनेजुएला की वर्तमान राजनीतिक स्थिति की बात करें तो डेल्सी रोड्रिगेज ने सत्ता संभालने के बाद से ही संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया है। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। इन सुधारों के तहत वेनेजुएला के खनन और तेल क्षेत्रों को विदेशी कंपनियों, विशेष रूप से अमेरिकी कंपनियों के लिए फिर से खोल दिया गया है। रोड्रिगेज का प्रयास है कि अमेरिकी निवेश के माध्यम से वेनेजुएला की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सके, लेकिन वे राजनीतिक रूप से अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखना चाहती हैं।

दूसरी ओर, वेनेजुएला के भीतर विपक्षी दल लगातार नए सिरे से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं ताकि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिल सके। हालांकि, जब डेल्सी रोड्रिगेज से भविष्य में होने वाले चुनावों की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें ठीक-ठाक नहीं पता कि चुनाव कब होंगे, लेकिन कभी न कभी ये जरूर कराए जाएंगे।

ट्रंप द्वारा वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बताने और वहां अमेरिकी झंडा दिखाने वाली पोस्ट ने न केवल वेनेजुएला बल्कि पूरे लातिन अमेरिका में चर्चा छेड़ दी है। तेल के विशाल भंडार वाले इस देश पर अमेरिकी दावे को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी तीखी प्रतिक्रिया होने की संभावना है। ट्रंप का यह कदम उनकी “अमेरिका फर्स्ट” नीति के आक्रामक विस्तार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे वेनेजुएला की संप्रभुता पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि चीन दौरे के बीच ट्रंप के इस कदम पर विश्व के अन्य देश क्या रुख अपनाते हैं।

 

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