खटीमा/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए थारू संस्कृति को राज्य की अनमोल धरोहर बताया। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न हो पाने पर खेद व्यक्त किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मन सदैव खटीमा की जनता और थारू समाज के साथ जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि थारू समाज के रीति-रिवाज, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा प्रेम पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। विशेषकर थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक पूरे उल्लास के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्ट पहचान के लिए प्रसिद्ध है।
पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार केवल घोषणाएं करने में विश्वास नहीं रखती, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारकर जनजातीय परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं। अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाने और निर्माण लागत में वृद्धि करने से अब अधिक परिवारों को पक्के घर मिल रहे हैं। उधम सिंह नगर जिले में इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना में जनजातीय परिवारों की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और आश्रम पद्धति विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा दी जा रही है। इन विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है और खटीमा, बाजपुर व गदरपुर में छात्रावासों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि वे स्वरोजगार से जुड़ सकें।
पुष्कर सिंह धामी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जनजातीय समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा कि वर्तमान सरकार उनके सम्मान और अधिकारों के लिए लड़ रही है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने को समाज के बढ़ते सम्मान का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने थारू विकास भवन के निर्माण और सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत बिजली, पानी और गैस कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी जिक्र किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।