Uttarakhand: नैनीताल में मुख्य सचिव ने कसी अधिकारियों की नकेल और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश

नैनीताल। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार देर शाम नैनीताल स्थित डॉ. आर. एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी में जिले की विभिन्न विकास परियोजनाओं और महत्वपूर्ण कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि विलंब के कारण निर्माण लागत में होने वाली वृद्धि को रोका जा सके। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में यदि कोई प्रशासनिक, तकनीकी या प्रक्रियागत बाधा आती है, तो उसका स्थानीय स्तर पर ही त्वरित समाधान खोजा जाए। यदि मामला शासन स्तर का हो, तो उसे बिना देरी किए उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए, क्योंकि विकास कार्य किसी भी स्थिति में रुकने नहीं चाहिए।

मासिक लक्ष्य और नियमित समीक्षा पर जोर
मुख्य सचिव ने विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए अधिकारियों को मासिक लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित टेंडर, तकनीकी अनुमोदन और वित्तीय स्वीकृतियों की प्रक्रियाओं को शीघ्रता से निपटाया जाए। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे जिला स्तर पर इन विकास कार्यों की नियमित निगरानी करें। मुख्य सचिव का मानना है कि योजनाओं की प्रगति में तेजी आने से न केवल राज्य का विकास होगा, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं में भी व्यापक सुधार होगा। उन्होंने अधिकारियों को दीर्घकालिक और सुव्यवस्थित योजनाएं तैयार करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और निर्देश
बैठक में 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली प्रमुख परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई:

  • कैंची धाम सौंदर्यीकरण: मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत करीब 41 करोड़ की लागत से हो रहे इस कार्य को जून 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।

  • पेयजल योजनाएं: गर्मी के मौसम को देखते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा गया। इन्द्रानगर नाले के सीवरेज कार्य और कालाआगर पंपिंग पेयजल योजना की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई।

  • जमरानी बांध परियोजना: 3678.23 करोड़ रुपये की इस विशाल परियोजना की प्रगति जांची गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट के टनल निर्माण कार्यों का अवलोकन करने का सुझाव दिया, ताकि वहां की तकनीक और अनुभव का लाभ यहां मिल सके। इसे जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

  • बलियानाला भूस्खलन उपचार: 298 करोड़ की इस परियोजना को 2028 तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई।

  • परिवहन और बुनियादी ढांचा: काठगोदाम और रामनगर में बन रहे बस टर्मिनलों के कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कुमाऊं विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन भवनों और स्टेट कैंसर संस्थान की धीमी रफ्तार पर कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल को फटकार लगाई गई।

  • नमो भवन और हल्द्वानी सीवरेज: हल्द्वानी के बहुउद्देश्यीय ‘नमो भवन’ के निर्माण में हो रही देरी की विस्तृत रिपोर्ट कुमाऊं आयुक्त से तलब की गई है।

राजस्व और जनसेवा में अभिनव प्रयास
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिले में अपनाए जा रहे ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ‘निर्विवाद वारिसान नामांतरण’ अभियान के तहत अब तक 21,452 लाभार्थियों को लाभ मिला है। साथ ही, स्थल स्तरीय राजस्व विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए लगाए जा रहे कैंपों के माध्यम से 2,207 में से 2,056 मामलों का समाधान कर लिया गया है। ‘जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत 50 कैंपों में 10,746 लोगों को लाभान्वित किया गया और 3,162 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया।

पर्यटन सीजन और आवश्यक सेवाओं के लिए अलर्ट
आगामी यात्रा सीजन के मद्देनजर मुख्य सचिव ने प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग को चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने यात्रा सीजन के लिए तैयार ट्रैफिक प्लान और शटल सेवा की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने भवाली बाईपास सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगाने और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

इसके अतिरिक्त, ईंधन आपूर्ति को लेकर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एलपीजी गैस की होम डिलीवरी सुचारू रखी जाए और व्यावसायिक सिलेंडरों की मांग के अनुसार समय पर आपूर्ति हो। मानव-वन्यजीव संघर्ष की चर्चा के दौरान बताया गया कि प्रभावित परिवारों को कुल 2 करोड़ 91 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। लंबित वन भूमि हस्तांतरण के मामलों को भी मासिक समीक्षा के जरिए सुलझाने के आदेश दिए गए।

बैठक में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव की इस विस्तृत समीक्षा ने जिले के प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय कर दिया है, जिससे आगामी महीनों में विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

 

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