Uttarakhand: ग्रीष्मकाल की चुनौतियों के लिए ऊर्जा विभाग अभी से रहे तैयार, मुख्यमंत्री ने पिटकुल की समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश – The Hill News

Uttarakhand: ग्रीष्मकाल की चुनौतियों के लिए ऊर्जा विभाग अभी से रहे तैयार, मुख्यमंत्री ने पिटकुल की समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्युत वितरण लॉस (लाइन लॉस) को कम करने और बिजली चोरी रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो भी अधिकारी वितरण लॉस के मामलों में लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

आगामी गर्मियों के सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यूजेवीएनएल, पिटकुल और यूपीसीएल को अभी से मुस्तैद रहने को कहा है। उन्होंने आदेश दिया कि ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को मार्च तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि अप्रैल में इनका शुभारंभ किया जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड के पारदर्शी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएसआर मद की धनराशि के लिए एक अलग खाता खोला जाए और इस पैसे का उपयोग सामाजिक सरोकारों और रचनात्मक कार्यों में अधिकतम कुशलता के साथ किया जाए।

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा पोषित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने भूमि आवंटन के मामलों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि बहादराबाद, कोटद्वार, भिकियासैंण, कपकोट और नंदप्रयाग में उपकेंद्रों के लिए भूमि स्थानांतरण और आवंटन की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी की जाए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घोषणाओं के तहत शिलान्यास की गई सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने और उनकी निरंतर निगरानी करने पर बल दिया।

पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी. सी. ध्यानी ने बैठक में निगम की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि आरईसी द्वारा पिटकुल की क्रेडिट रेटिंग को A+ से बढ़ाकर A++ कर दिया गया है। इससे परियोजनाओं के लिए मिलने वाले ऋण पर 0.5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के उपभोक्ताओं को कम बिजली टैरिफ के रूप में होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिटकुल को ‘पावर लाइन ट्रांस टेक इंडिया अवार्ड-2025’ से सम्मानित किया गया है। निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक का सर्वाधिक 1243 करोड़ रुपये का लाभांश उत्तराखंड सरकार को प्रदान किया है।

बैठक में बताया गया कि पिछले चार वर्षों में कुल 22 महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की गई हैं। वर्तमान में सेलाकुई, आराघर, खटीमा, लोहाघाट और मंगलौर जैसे स्थानों पर एडीबी पोषित उपकेंद्रों का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही ऋषिकेश, पीपलकोटी और बनबसा में भी अन्य महत्वपूर्ण पारेषण परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम और सचिव पंकज पांडेय सहित ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि प्रदेश के विकास के लिए बिजली की निर्बाध आपूर्ति अनिवार्य है और इसमें कोई भी शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

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