देहरादून, 30 जनवरी।
उत्तराखंड की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को धरातल पर उतारने के लिए आवास विभाग पूरी सक्रियता से जुट गया है। इसी क्रम में, आवास और राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आज देहरादून स्थित सचिवालय परिसर में बन रहे आधुनिक कार्यालय भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों को कड़े निर्देश जारी किए। सचिव ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सचिवालय परिसर में विश्वकर्मा भवन के समीप बन रहा यह छह मंजिला (G+5 और एक बेसमेंट) आधुनिक कार्यालय भवन राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए एक सुव्यवस्थित और सुविधाजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 26 मार्च 2025 को सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी। भवन निर्माण की कुल लागत ₹5934.71 लाख आंकी गई है, जिसमें सिविल और विद्युतीकरण के सभी कार्य शामिल हैं। अब तक सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए ₹1400 लाख की राशि आवंटित की जा चुकी है, जिससे निर्माण कार्यों को गति मिली है।
भवन की विशेषताओं पर गौर करें तो यह 2516 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बनाया जा रहा है, जिसका कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 1,04,480 वर्ग फीट होगा। सचिवालय में पार्किंग की बड़ी समस्या को देखते हुए इस भवन के बेसमेंट में 25 कारों और 100 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की विशेष सुविधा दी गई है। ग्राउंड फ्लोर पर भारतीय स्टेट बैंक, पोस्ट ऑफिस और एक भव्य वेटिंग एरिया बनाया जाएगा। ऊपरी मंजिलों पर शासन के विभिन्न स्तर के अधिकारियों, जैसे सचिव, अपर सचिव और अनुसचिवों के लिए आधुनिक कक्ष, स्टाफ रूम और मीटिंग हॉल का प्रावधान किया गया है।
निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को अवगत कराया गया कि भवन का फाउंडेशन (नींव) और बेसमेंट का सिविल कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे 10 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना की वर्तमान भौतिक प्रगति लगभग 15 प्रतिशत है। इस पूरी परियोजना को 24 जनवरी 2027 तक पूरा किया जाना अनिवार्य है। सचिव ने अधिशाषी अभियंता और ठेकेदार शिव कुमार अग्रवाल को निर्देश दिए कि वे समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें ताकि प्रशासनिक कार्यों में सुगमता के लिए यह भवन जल्द से जल्द तैयार हो सके।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप राज्य प्रशासन को आधुनिक और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि वे नियमित रूप से साइट का दौरा करें और यह सुनिश्चित करें कि निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री मानकों के अनुसार हो। उन्होंने विश्वास जताया कि यह नया भवन न केवल सचिवालय की कार्यक्षमता बढ़ाएगा, बल्कि एक बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। निरीक्षण के दौरान राज्य संपत्ति और लोक निर्माण विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।