शिमला।
हिमाचल प्रदेश कंसल्टेंसी आर्गेनाइजेशन (हिमकोन) के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विकेश चौहान ने आज प्रदेश की राजधानी में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे विकेश चौहान ने अपनी इस नई नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि वे पार्टी हाईकमान और सरकार की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और हिमकोन के माध्यम से प्रदेश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह पहली बार है जब रामपुर क्षेत्र के किसी व्यक्ति को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। सरकार का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जन-जन के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के केंद्र में गांवों और किसानों को रखा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से कृषि और पशुपालन पर निर्भर है, इसलिए किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण को सरकार ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है। इसी दिशा में सरकार ने कई ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाए हैं।
किसानों के लिए उठाए गए बड़े कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने देश में पहली बार दूध और प्राकृतिक रूप से उगाए गए कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाना है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से सरकार गेहूं 60 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का 40 रुपये प्रति किलोग्राम और कच्ची हल्दी 90 रुपये प्रति किलोग्राम के समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। यह कदम किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
पशुपालकों के हितों की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गाय का दूध 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 61 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही है। इतना ही नहीं, जो किसान अपने पशुओं का दूध स्वयं दो किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित खरीद केंद्रों तक पहुंचाते हैं, उन्हें सरकार द्वारा प्रति लीटर 2 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से आने वाले समय में प्रदेश के किसानों और पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर रामपुर के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री की इन किसान हितैषी नीतियों की जमकर सराहना की।