देहरादून। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के एक भीषण विमान हादसे में हुए असामयिक निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। इस अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना को न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। मुख्यमंत्री ने इस कठिन समय में महाराष्ट्र की जनता और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित की है।
पुष्कर सिंह धामी ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अजीत पवार का निधन एक ऐसी घटना है जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। उन्होंने अजीत पवार के व्यक्तित्व और उनके कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने संपूर्ण सार्वजनिक जीवन में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को ही अपना सर्वोच्च लक्ष्य माना। धामी के अनुसार, अजीत पवार के कामकाज की शैली में गरीबों और वंचितों के प्रति विशेष करुणा और संवेदनशीलता हमेशा दिखाई देती थी। जनसेवा के प्रति उनकी जो प्रतिबद्धता थी, वह राजनीति में सक्रिय प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने इस भीषण हादसे पर दुख जताते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस दुर्घटना में जान गंवाने वाली सभी पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उन्होंने विशेष रूप से अजीत पवार के परिजनों, उनके राजनैतिक सहयोगियों और बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की। पुष्कर सिंह धामी ने कामना की कि ईश्वर शोक में डूबे इन सभी लोगों को इस असह्य और अपार दुख को सहन करने की अपार शक्ति और धैर्य प्रदान करें। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा उत्तराखंड महाराष्ट्र के साथ खड़ा है।
अजीत पवार के सम्मान और उनकी याद में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी शोक का वातावरण देखा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान इस विमान दुर्घटना पर गहरा विमर्श हुआ। कैबिनेट की कार्यवाही शुरू करने से पहले, मुख्यमंत्री और उपस्थित सभी मंत्रियों ने विमान हादसे में दिवंगत हुए अजीत पवार और अन्य लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान मंत्रिमंडल ने एक स्वर में पवार के राजनैतिक सफर और जनता के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अजीत पवार एक कद्दावर राजनेता थे और महाराष्ट्र के विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्रशासनिक स्तर पर उनके द्वारा लिए गए निर्णय और विकास योजनाओं के प्रति उनकी स्पष्ट दृष्टि हमेशा याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि पवार ने जिस निष्ठा के साथ अपने राजनैतिक दायित्वों का निर्वहन किया, उसने उन्हें करोड़ों लोगों का प्रिय नेता बनाया था। उनके आकस्मिक निधन से भारतीय राजनीति में जो शून्य पैदा हुआ है, उसे निकट भविष्य में भर पाना कठिन होगा।
उत्तराखंड सरकार ने इस आधिकारिक शोक के माध्यम से संदेश दिया है कि अजीत पवार का योगदान केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि वे राष्ट्रीय राजनीति के एक सशक्त हस्ताक्षर थे। धामी ने अंत में दोहराया कि पवार की कार्यशैली में संवेदनशीलता और जन-प्रतिबद्धता का जो संगम था, वह विरल है। इस हृदयविदारक हादसे ने देश से एक अनुभवी और ऊर्जावान नेतृत्व छीन लिया है। मुख्यमंत्री के इस संदेश के बाद प्रदेश के विभिन्न राजनैतिक हलकों में भी अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी जा रही है। यह पूरा घटनाक्रम महाराष्ट्र और उत्तराखंड के बीच के राजनैतिक और मानवीय संवेदनाओं के जुड़ाव को प्रदर्शित करता है।