Uttarpradesh: हंगामे के साथ शुरू हुआ उत्तर प्रदेश का बजट सत्र पहली बार राज्य पेश करेगा आर्थिक सर्वेक्षण – The Hill News

Uttarpradesh: हंगामे के साथ शुरू हुआ उत्तर प्रदेश का बजट सत्र पहली बार राज्य पेश करेगा आर्थिक सर्वेक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को हंगामे और शोर-शराबे के बीच प्रारंभ हो गया। सत्र के पहले दिन की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई, लेकिन विपक्षी दलों के कड़े विरोध के कारण सदन के भीतर काफी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। विपक्ष के भारी शोर-शराबे और नारेबाजी के बावजूद आनंदीबेन पटेल ने करीब 30 मिनट तक अपना अभिभाषण पढ़ा और सरकार की आगामी योजनाओं व उपलब्धियों का खाका पेश किया। यह बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होकर 20 फरवरी तक संचालित किया जाएगा, जिसमें राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।

सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के सदस्य आक्रामक मुद्रा में नजर आए। समाजवादी पार्टी के विधायक और नेता विधानसभा अध्यक्ष के आसन के ठीक सामने पहुँच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने ‘राज्यपाल वापस जाओ’ के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्ष के इस व्यवहार के कारण सदन की गरिमा को लेकर भी सवाल उठे, लेकिन राज्यपाल ने अपना संबोधन जारी रखा। इस शोर-शराबे के बीच सरकार की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित नहीं होने देगी।

बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बात की। उन्होंने लोकतंत्र में सदन की भूमिका और संवाद की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है और इसकी सफलता सदस्यों के बीच होने वाले सार्थक संवाद पर टिकी होती है। उन्होंने विपक्षी दलों को नसीहत देते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही को बाधित करना जनहित में नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समस्याओं का समाधान शोर-शराबे से नहीं, बल्कि चर्चा और संवाद से ही संभव है।

मुख्यमंत्री ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा और परिचर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें ताकि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मसलों पर निर्णय लिए जा सकें। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस बजट सत्र में दो सबसे महत्वपूर्ण एजेंडे हैं— पहला राज्यपाल का अभिभाषण और दूसरा राज्य का सामान्य बजट। उन्होंने एक ऐतिहासिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार उत्तर प्रदेश अपना खुद का ‘आर्थिक सर्वेक्षण’ (इकोनॉमिक सर्वे) भी सदन के पटल पर रखेगा।

योगी आदित्यनाथ के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बनने जा रहा है जो अपना स्वयं का आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगा। अब तक केवल केंद्र सरकार ही संसद में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करती रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश ने इस नई परंपरा की शुरुआत कर अपनी प्रशासनिक और आर्थिक परिपक्वता का परिचय दिया है। यह सर्वेक्षण राज्य की आर्थिक सेहत, विकास की दर और विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का एक विस्तृत और आधिकारिक दस्तावेज होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल राज्य के भविष्य की नीतियों को तैयार करने में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।

राज्य के विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली स्थितियों और वर्तमान प्रगति की तुलना की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश की छवि में क्रांतिकारी बदलाव आया है। योगी आदित्यनाथ ने गर्व के साथ दावा किया कि जो उत्तर प्रदेश कभी ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी में गिना जाता था, आज उसे एक ‘ब्रेक थ्रू स्टेट’ के रूप में स्थापित करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और निवेश के मामले में दुनिया के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। बीमारू राज्य का टैग हटना प्रदेश के करोड़ों नागरिकों की मेहनत और सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणाम है।

योगी आदित्यनाथ ने सदन के सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे अपने सुझाव खुलकर रखें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक सदस्य के सकारात्मक सुझाव को स्वीकार करने और उस पर अमल करने के लिए तैयार है, बशर्ते सदन की कार्यवाही में अनावश्यक व्यवधान न डाला जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि 20 फरवरी तक चलने वाला यह बजट सत्र उत्तर प्रदेश के विकास की गति को और अधिक तीव्र करने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि उनकी सरकार राज्य के हित में हर कठिन निर्णय लेने और विकास की धारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बजट सत्र के पहले दिन का यह घटनाक्रम दर्शाता है कि जहाँ एक तरफ सरकार अपनी उपलब्धियों और नए प्रयोगों जैसे आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर उत्साहित है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने अपने तेवरों से स्पष्ट कर दिया है कि वह सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा। अब सबकी नजरें आगामी दिनों में पेश होने वाले सामान्य बजट और उस पर होने वाली बहस पर टिकी हैं। फिलहाल, हंगामेदार शुरुआत के बावजूद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित नजर आ रही है। सदन की कार्यवाही अब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के साथ आगे बढ़ेगी।

 

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