Uttarakhand: “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना”: महिला सशक्तिकरण की चाबी

देहरादून: उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुरू की गई “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।

पिछले 10 महीनों में योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों ने प्रदेश भर में 318.98 लाख रुपये का कारोबार किया है। योजना के तहत प्रदेश के 95 ब्लॉकों में महिला समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनियां लगाई जाती हैं और उनके विपणन की व्यवस्था की जाती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की पैकेजिंग से लेकर ब्रांडिंग तक की व्यवस्था की जा रही है।

इस योजना के तहत अगस्त 2023 से जून 2024 तक प्रदेश के 95 ब्लॉकों में कुल 1428 स्टॉलों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया और उनका विपणन किया।

इस वर्ष भी सरकार का लक्ष्य है कि हर महीने की 25-30 तारीख के बीच ब्लॉक स्तर पर स्टॉल लगाए जाएं और प्रदेश में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेलों में भी महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए स्टॉल लगाए जाएं।

राज्य परियोजना प्रबंधक (विपणन) रोहित सिंह ने बताया कि योजना के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रही हैं।

“मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उत्तराखंड की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

Pls read:Uttarakhand: प्रभारी सचिव आर राजेश ने किया केदार घाटी में क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों का निरीक्षण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *