देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। उत्तरकाशी और चंपावत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च’ निकालकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। उत्तरकाशी में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका, जबकि चंपावत में कार्यकर्ताओं ने उनके इस्तीफे की मांग उठाई।
उत्तरकाशी। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से बस अड्डे तक ‘वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च’ निकाला। जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत की अगुवाई में निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ता अपनी बांह पर काली फीती बांधकर पहुंचे थे। बस अड्डे के पास प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। कांग्रेस ने इन आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की, ताकि देश में प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पालिका परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे। यहां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का वाचन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वयस्क मताधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव की निष्पक्ष जांच जरूरी है। प्रदर्शन में कमल सिंह रावत, कनकपाल परमार, विजेंद्र नौटियाल, सुधीश पंवार, शीशपाल पोखरियाल, भगत सिंह, एकादशी, जावेद खान और अनुराग रांगड़ समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चंपावत। यहां भी जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष चिराग फर्त्याल के नेतृत्व में कार्यकर्ता मोटर स्टेशन स्थित गांधी चौक पर एकत्र हुए। उन्होंने निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और बाद में गांधी चौक पर ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र और निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। साथ ही निर्वाचन आयोग के फैसलों और मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों की जांच की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है। इसलिए मतदाता सूची में किसी भी तरह की कथित अनियमितता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी तरीके से जांच किया जाना आवश्यक है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।