शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू वीरवार सुबह अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वह राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस द्वारा दिल्ली में आयोजित किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का पहले शिमला में वन विभाग की ओर से आयोजित वन्यजीव सप्ताह के समापन कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित था, लेकिन सुबह अचानक उनके कार्यक्रम में बदलाव किया गया और वह दिल्ली रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली जाने के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया है। हिमाचल प्रदेश में भी पार्टी की ओर से विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू किया जा चुका है। ऐसे में सुक्खू का दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय नेतृत्व के साथ प्रदर्शन में शामिल होना पार्टी की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की संभावना
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कांग्रेस के वरिष्ठ और शीर्ष नेताओं से मुलाकात भी कर सकते हैं। हालांकि, उनकी मुलाकात को लेकर आधिकारिक तौर पर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। राहुल गांधी की हिरासत के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करा रही है और पार्टी नेताओं ने इसे लेकर देशभर में आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई है।
हिमाचल कांग्रेस भी इस अभियान के तहत अलग-अलग स्तर पर प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को विरोध कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के निर्देश दिए हैं।
शिमला में राज्यपाल को सौंपा था ज्ञापन
इससे पहले बुधवार को शिमला में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद इस प्रदर्शन की अगुवाई की थी। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। पार्टी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
बुधवार के प्रदर्शन के बाद अब कांग्रेस ने विरोध का दायरा और बढ़ाने का फैसला किया है। वीरवार को प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस की ओर से धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस संगठन ने सभी जिला इकाइयों को इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जिलास्तर पर भी आंदोलन को धार देगी कांग्रेस
कांग्रेस के जिला स्तरीय प्रदर्शनों में पार्टी के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। प्रदेश कांग्रेस मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल विशेष रूप से ऊना पहुंचकर वहां आयोजित होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगी। पार्टी का प्रयास है कि जिला स्तर के कार्यक्रमों के जरिए राहुल गांधी की हिरासत के मुद्दे को लेकर विरोध को व्यापक बनाया जाए।
मुख्यमंत्री के दिल्ली रवाना होने के बाद अब हिमाचल में कांग्रेस के जिला स्तरीय प्रदर्शन और दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के विरोध कार्यक्रम और तेज होने की संभावना है।
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